खाद्य विपणन विभाग से कुटाई के लिए दिए गए 9000 क्विंटल धान एक मिल मालिक और उसके भाई ने हड़प लिया। सरकारी धान की ना कुटाई की ना ही लौटाया। धान की कीमत एक करोड़ 34 लाख है। कई साल इंतजार के बाद भी जब मिल मालिकों ने धान या उसकी रकम नहीं लौटाई तो एसएमआई अरुण कुमार वर्मा ने इस संबंध में दोहरीघाट थाने में दोनों के विरुद्ध हड़पने एवं धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।
दोहरीघाट थाना क्षेत्र के कुरंगा गांव निवासी रजनीश एवं अवनीश पुत्रगण धूपनरायन की राइस मिल है। इसका अनुबंध खाद्य एवं विपणन विभाग से है। वर्ष 2012 में खाद्य एवं विपणन विभाग ने 9000 क्विंटलधान कूटने के लिए दिया था। धान की कीमत एक करोड़ 34 लाख थी। लंबे इंतजार के बाद भी मिल मालिक भाइयों ने विभाग को धान कूटकर नहीं दिया और ना ही उसका कोई हिसाब किया।
इस संबंध में विभाग को दोनों भाई गुमराह करते रहे। इस मामले में कई बार नोटिस दिए जाने के बाद भी कोई जवाब जब नहीं आया। तब मामले को विभाग ने गंभीरता से लिया और धान की कीमत आंकी। एक करोड़ 34 लाख रुपये मूल्य के धान की कीमत का आकलन करके विभाग ने दोनों भाइयों पर मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया। एसएमआई अरुण कुमार वर्मा ने गुरुवार को दोनों भाई रजनीश एवं अवनीश कुमार पुत्रगण धूपनरायन के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया
। इस संबंध में एसएमआई अरुण कुमार वर्मा का कहना है कि मामले में कई बार नोटिस दिए जाने के बाद भी मिल मालिकों ने धान नहीं लौटाया। इसलिए दोनों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। धन की रिकवरी के लिए भी कार्रवाई की जाएगी।