मुहम्मदाबाद गोहना के विधायक राजेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों की जमीन की खरीद बिक्री का कानून पूर्व की भांति करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान विधायक राजेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार ने एससी-एसटी के लोगों की जमीनों की बिक्री और खरीद के कानून में संशोधन किया है। इससे इस वर्ग के लोगों का शोषण तय है। अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के हितों को ध्यान में रखते हुए व उन्हें भूमिहीन होने से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 कानून है।
जिसके तहत भारत सरकार द्वारा भूमिहीन एवं श्रमशील एससी एसटी लोगों को लघु पट्टे के माध्यम से जमीन आवंटित की गई थी।जिससे वह सम्मानजनक जीवनयापन कर सके। इसी अधिनियम में यह प्रावधान है कि यदि किसी एससी एसटी व्यक्ति के पास कृषि योग्य जमीन 3.125 एकड़ से ज्यादा है और वह व्यक्ति सीमित रकबा (3.125 एकड़) से अधिक कृषि भूमि विक्रय करना चाहता है उन्हें जिलाधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
आरोप लगाया कि भाजपा सरकार उक्त कानून को निष्क्रिय करने जा रही है। अब एससी एसटी की जमीन को खरीदने के लिए जिलाधिकारी की अनुमति की आवश्यकता नहीं रह जाएगी।इससे भू-माफ़ियाओं के हौसले बढ़ेंगे बल्कि एससी एसटी लोगों पर अत्याचार भी बढ़ेगा।ज्ञापन सौंपने के दौरान विरेंद्र पासवान, लक्षिराम, अमित सरोज, मनीष कुमार चौहान, रामचंद्र, प्रदीप कुमार, उदय प्रताप आदि मौजूद रहे।