नगर के मदापुर समसपुर उर्फ बैसवाड़ा निवासी हाफिज मोहम्मद जावेद खान ने कहा कि तीस दिन का लगातार रोजा केवल इस्लाम में ही है । धर्म के लोग पूरे अकीदत के साथ रोजा रखें। ऐसा करने वाले की अल्लाह मनोकामना पूर्ण करता है। इसलिए सभी लोग एक-दूसरे से मिलकर आपसी भाईचारगी को बढ़ाने का कार्य करें। बुजुर्ग एवं बच्चे रोजा रखने से परहेज करें। क्योंकि इस उम्र में शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता बहुत कमजोर होती है। रोग प्रतिरोधी क्षमता बनाए रखने के लिए समय-समय पर अन्न एवं जल सहित पौष्टिक तत्वों की आवश्यकता होती है। तरावीह की नमाज व अन्य धार्मिक कार्यक्रम निर्धारित समय समय पर निर्धारित स्थान पर नियमानुसार करें।