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Mau News: बारिश के बाद अधिकतम तापमान तीन डिग्री गिरा, उमस बरकरार

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सोमवार को मौसम रहा सुहाना, आसमान में दिखे बादल।संवाद
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रविवार को हुई बारिश के बाद अधिकतम तापमान में तीन डिग्री और न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई।
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सोमवार की सुबह से आसमान में हल्के बादल छाए रहे। दिन भर धूप-छांव होती रही। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे धूप तेज होती गई। बाहर निकलने वाले लोग सिर पर टोपी और गमछा लगाकर जाते देखे गए।
तापमान की बात करें तो सोमवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 73 प्रतिशत रही, जबकि 18 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल रही थी। रविवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा।
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मौसम में बार-बार बदलाव होने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।
त्वचा रोगों के मरीजों में बढ़ोतरी, रोज 70 लोग पहुंच रहे अस्पताल
बढ़ती उमस के कारण त्वचा संबंधी रोगों के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 70 से 80 त्वचा के मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
इनमें सबसे अधिक मरीज फंगल इंफेक्शन (दाद), खुजली, एलर्जी, रैशेज, घमौरियां और बैक्टीरियल त्वचा संक्रमण से पीड़ित हैं। जिला अस्पताल में 800 की ओपीडी है। इस समय बड़ी संख्या में मरीज त्वचा संबंधी समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं।
इस संबंध में जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. धनंजय कुमार ने बताया कि बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ने और लगातार पसीना आने से त्वचा लंबे समय तक गीली रहती है।
ऐसे में फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण तेजी से फैलते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में इन रोगों का खतरा अधिक रहता है। कई मरीजों में त्वचा पर जलन और तेज खुजली की शिकायत भी सामने आ रही है।
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ऐसे करें बचाव

संक्रमण से बचाव के लिए शरीर और त्वचा को साफ व सूखा रखना जरूरी है। भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलें, सूती व ढीले कपड़े पहनें और तौलिया, कपड़े जैसी व्यक्तिगत वस्तुएं किसी अन्य के साथ साझा न करें। त्वचा पर संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी क्रीम या दवा का प्रयोग न करें। समय पर उपचार कराने से संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है और गंभीर जटिलताओं से बचाव संभव है।
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