विधायक निधि और असलहा के मामले में मुख्तार अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बांदा जेल से बुधवार को पेशी हुई। इस दौरान विधायक निधि के मामले में कोई गवाह उपस्थित नहीं हुआ। वहीं असलहा मामले में गवाह इरशाद अहमद कोर्ट में उपस्थित हुआ। उसने अभियोजन के कथन का समर्थन नहीं किया। एपीओ रविंद्र प्रताप ने उससे जिरह की। सीजेएम एमपी /एमएलए श्वेता चौधरी ने दोनों मामलों में 7 जून की तिथि नियत कीं।पहला मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार विधायक निधि के गबन के मामले में तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक राम सिंह की तहरीर पर सरायलखंसी थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। मामले में मुख्तार अंसारी, आनंद, बैजनाथ यादव और संजय सागर को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित कर दिया है। इसमें साक्ष्य की कार्यवाही चल रही है। बुधवार कोई गवाह उपस्थित नहीं हुआ। सीजेएम ने मामले में 7 जून की तिथि नियत की है।
दूसरा मामला दक्षिणटोला थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार तत्कालीन थानाध्यक्ष निहाल नंदन की तहरीर पर मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों के विरुद्ध फर्जी असलहा प्रकरण में की गई पैरवी को आधार मानते हुए एफआईआर दर्ज हुई थी। जिसमें पुलिस ने मामले की विवेचना कर मुख्तार अंसारी सहित छह लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। एक आरोपी की मौत हो चुकी है। मामला सीजेएम एमपी/ एमएलए की कोर्ट में विचाराधीन है। जिसमें साक्ष्य की कार्यवाही चल रही है। साक्षी इरशाद अहमद कोर्ट में उपस्थित हुआ, जो पक्षद्रोही हो गया, उसने अभियोजन के कथन का समर्थन नहीं किया। एपीओ रविंद्र प्रताप ने उससे जिरह की। सीजेएम ने शेष साक्ष्य के लिए 7 जून की तिथि नियत की है।