एएसपी ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में चोरी की घटना को अपराध देने का तरीका के बारे में बताया।बोले कि चोर अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर विभिन्न जनपदों में मकानों की रेकी कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। इनके द्वारा दिन में ऐसे मकानों की पहचान की जाती थी जिनमें ताला लगा होता था। जहां रात में मकान के मुख्य गेट, दरवाजे या छत के रास्ते घर में प्रवेश कर लोहे की नुकीली रॉड (सुम्मी) से ताला, बक्सा, आलमारी व लाकर तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण व नकदी चोरी कर ली जाती थी।
अभियुक्त द्वारा यह भी बताया गया कि चोरी किये गये आभूषणों का कुछ हिस्सा बेच दिया जाता था।बताया कि चोरी के आभूषणों का एक हिस्सा सोनार से सत्यापित कराकर बैंकों से लगभग 12 लाख रुपये व 7 लाख रुपये के गोल्ड लोन प्राप्त किया गया था।इतना ही नहीं चोरी से अर्जित धन से पकड़े गए आरोपी ने द मुंबई में झुग्गी खरीदा हैं।जबकि बलिया में मकान बनवाने के साथ अपनी पत्नी के नाम से बैंक में राशि जमा कराया है।