मऊ। नगर क्षेत्र के विभिन्न वार्डो मेें पेयजल आपूर्ति व्यवस्था बदतर हो रही। शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए नगर पालिका द्वारा बनाए गए आठ ओवरहेड टैंक में से पांच खराब पड़ूे हैं। तीन ओवरहेड टैंक से ही पेयजलापूर्ति हो रही। इनकी साफ सफाई भी रामभरोसे है। पाइपलाइन पुरानी होने के चलते कई जगह लीकेज है। ऊंचाई वाले मुहल्लों तक पानी नहीं पहुंच रहा। इससे लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। यह समस्या पिछले कई वर्षो से बनी हुई है, लेकिन इसे दूर करने के लिए नगरपालिका सिर्फ लिखा पढ़ी तक ही सीमित है। नगर पालिका क्षेत्र के 42 वार्डों की आबादी साढ़े तीन लाख है। नगर में पेयजल आपूर्ति के लिए आठ ओवरहेड टैंक हैं। लेकिन वर्तमान में मुुंशीपुरा, मुसरदह मोड़ और रहजनिया ओवरहेड से ही नगर को पानी की आपूर्ति की जा रह। जबकि ख्वाजा जहांपुर ओवरहेड टैंक में तकनीकी खामी के चलते पेयजलापूर्ति को डायरेक्ट कर दिया गया है। इसके चलते बिजली गुल होते ही जलापूर्ति ठप हो जा रही। भुजौटी, शाही कटरा, माता पोखरा और पहाड़ापुरामें बना ओवरहेड टैंक पिछले कई सालों से जर्जर होने के चलते बंद पड़ा है। ऐसे में चालू तीन ओवरहेड टैंकों को 35 बड़े नलकूप और 61 छोटे नलकूपों से पानी भरने के बाद नगरवासियों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। लगातार जलस्तर गिरने से इन नलकूपों से 800 लीटर के सापेक्ष केवल 500 लीटर ही पानी निकल पा रहा है। ओवरहेड टैंकों की सफाई कराने में खानापूर्ति की जाती है। यहीं नहीं जिन ओवरहेड से सप्लाई की जा रही। उसमें लीकेज के चलते 20 प्रतिशत पानी की बर्बादी हो रही है। इसके चलते निजामुदीनपुरा, हरिकेशपुरा, डोमनपुरा, दक्षिण टोला ,काजीटोला, पठान टोला, मठिया टोला, परदहां सहित कई जगहों पर लोगों को दिक्कतों से गुजरना पड़ रहा। हालांकि जिन जगहों पर आपूर्ति प्रभावित हैं वहां टैंकर से सप्लाई की जा रही है। पीएम मिश्रा, अवर अभियंता जलकर प्रभारी ने कहा कि जर्जर ओवरहेडों को दुरस्त कराने को लेकर प्रस्ताव बनाकर कार्यदायी संस्था को भेजा जा चुका है। साथ ही जिन स्थानों पर पाइप लाइन नहीं लगी है वहां अमृत योजना के तहत ओवरहेड टैंक, पाइप लाइन बिछाने का कार्य प्रस्तावित है। ओवरहेड टैंकों की सफाई कराई जाती है।