फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अधिकांश प्राइमरी स्कूलों के शौचालय बदहाल

विज्ञापन
विज्ञापन
अधिकांश प्राइमरी स्कूलों के शौचालय बदहाल
विज्ञापन

104 के सापेक्ष 15 विद्यालयों में है पानी की व्यवस्था
शिकायत के बाद में विभागीय अधिकारी बने लापरवाह
अमर उजाला ब्यूरो
बढुआगोदाम। परदहां ब्लाक क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों मेें शौचालय उपयोग करने लायक नहीं है। यदि कहीं चालू है तो शिक्षक ही प्रयोग करते हैं। ब्लाक के 104 के सापेक्ष 15 विद्यालयों में ही पानी की टंकी बन पाई है। पानी की व्यवस्था न होने तथा सही ढंग से रखरखाव न होने से शौचालयों में ताला लटक रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बालिकाओं को हो रही। वहीं, शौचालयों पर बालक और बालिका अंकित नहीं किया जा सका है। न तो बेसिक शिक्षा विभाग और न ही पंचायतीराज विभाग सुधि ले रहा।
परदहां ब्लाक क्षेत्र में 69 प्राथमिक तथा 35 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 11800 बच्चे अध्ययनरत हैं। आरटीई के तहत समस्त विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं बहाल करने का प्रावधान किया गया है। लेकिन विभागीय लापरवाहीस्त्रत्त् से अधिकांश विद्यालयों के शौचालय निष्प्रयोज्य पड़े हैं। शौचालयों की सफाई तथा पानी की समुचित व्यवस्था न होने से ताला लटका रहता है। ऐसे में बालिकाओं को बाहर जाना पड़ रहा है। बालिकाएं स्कूल आने से कतराती हैं। शासन की तरफ से विद्यालयों के सुंदरीकरण के लिए प्रत्येक विद्यालयों को कंपोजिट स्कीम तथा आपरेशन कायाकल्प योजना शुरू की गई है। वर्तमान वित्तीय वर्ष का पांच माह बीत गया, लेकिन संबंधित विभागीय अधिकारी रुचि ही नहीं ले रहे हैं। परदहां ब्लाक के 104 के सापेक्ष केवल 15 विद्यालयों में ही अब तक पानी की टंकी लगाई जा सकी है। इस बाबत खंड शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार सिंह कहना है कि परिषदीय विद्यालयों में बदहाल पड़े शौचालय की सूची तैयार कर ली गई है। शीघ्र ही इसे दुरुस्त कराया जाएगा।
विज्ञापन

कोट
आपरेशन कायाकल्प योजना के तहत समस्त विद्यालयों मेें सुंदरीकरण कराने के लिए सेक्रेटरियों को निर्देश दे दिया गया है। खाता बंद होने से समस्या आ रही है।
राजेश तिवारी, एडीओ पंचायतीराज विभाग
केस नंबर एक
महलीपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में बना शौचालय बदहाल है। पानी की व्यवस्था न होने से शौचालय में हमेशा ताला लटका रहता है। शौचालय पर छत नहीं है। प्रधानाध्यापिका चंपा देवी कहती हैं कि बीईओ तथा पंचायतीराज विभाग को कई बार पत्र भेजा जा चुका है।
केस नंबर दो
किन्नुपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में बना शौचालय एक वर्ष से बदहाल पड़ा है। इसके चलते बालिकाओं तथा शिक्षिकाओं को असुविधा हो रही। बालिकाएं दहशतजदा रहती हैं। प्रधानाध्यापिका नूतन देवी ने बताया कि ग्राम प्रधान और विभागीय अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
केस नंबर तीन
गोहटा गांव में प्राथमिक विद्यालय का शौचालय उपयोग करने लायक नहीं है। पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है और शौचालय में गंदगी है। प्रधानाध्यापक अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि पंचायतीराज विभाग सहित विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन

केस नंबर चार
पनियरा गांव के कंपोजिट विद्यालय में शौचालय तो है लेकिन उसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। प्रधानाध्यापिका सुनीता सिंह ने बताया कि शौचालय के गेट के सामने से गांव के कतिपय लोगों द्वारा सिंचाई के लिए नाली का निमार्ण किया गया है। बताया कि ग्राम प्रधान तथा विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें