कोपागंज। ब्लाक के ग्राम पंचायत चौबेपुर के सेक्रेटरी शिशिर पांडेय द्वारा कैशबुक, माप पुस्तिका, मस्टररोल , बिल बाउचर सीडीओ के आदेश के बाद भी न दिखाना महंगा पड़ गया। अनुशासनहीनता और लापरवाही के आरोप में मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार ने शुक्रवार को सेक्रेटरी को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई से ब्लॉक कर्मचारियों में हड़कंप रहा। ग्राम पंचायत चौबेपुर में मनरेगा के तहत कराये गए कार्यो का विवरण 26 जून 2018 एवं 11 अक्तूबर 2018 को सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश सिंह ने मांगा था। कैलाश ने इसके लिए शिकायती पत्र जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को दिया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को रिपोर्ट प्रेषित करने का आदेश दिया था। जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में अर्थ एवं संख्याधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को पूरे मामले से अवगत कराते हुए पूरे कागजात के साथ सेक्रेटरी को कार्यालय में भेजने को कहा था। लेकिन 20 महीना बीतने के बाद भी सेक्रेटरी ने कागजात जमा नहीं किया। पुन: इस मामले में 19 अगस्त 2019 को अर्थ एव संख्याधिकारी ने तीन दिन के अंदर खंड विकास अधिकारी को पूरे कागजात के साथ सेक्रेटरी को कार्यालय में भेजने को कहा था। लेकिन सेक्रेटरी शिशिर पांडेय ने कागजात जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत नही किया और नही खुद उपस्थित हुए। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने सेक्रेटरी को निलंबित कर दिया सीडीओ आलोक कुमार ने बताया कि सेक्रेटरी को जांच में सहयोग नहीं करने और लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है।