कोपागंज के फुलेलपुरा में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच द्वारा आयोजित इमाम हुसैन और इंसानियत विषय पर एक ?
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कोपागंज। राष्ट्रीय जनजागरण अभियान के तहत गुरुवार की शाम क़स्बा के मोहल्ला फुलेलपुरा में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की ओर से ‘इमाम हुसैन और इंसानियत’ विषयक एक दिवसीय प्रबुद्ध गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने इमाम हुसैन के विचारों को अपनाने पर बल दिया। कहा कि उनके विचारों आत्मसात कर के हम इंसानियत को जिंदा रख सकते हैं। कार्यक्रम की शुरुआत अली जफर के तिलावत-ए- कुरआन पाक से किया गया। बतौर मुख्य अतिथि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक वरिष्ठ आरएसएस प्रचारक स्वामी मुरारी दास ने कहा कि इंसानियत और मानवता की बात हो और इमाम हुसैन का जिक्र न हो ये हो नही सकता। इमाम हुसैन उस हस्ती का नाम है जिसने 14 सौ साल पहले मानवता को बचाने के लिए अपने पूरे कुनबे को कुर्बान कर दिया। इमाम हुसैन सिर्फ शिया मुसलमानों के इमाम नही हैं बल्कि हर उस व्यक्ति के इमाम हैं जो इंसानियत का पुजारी है। विशिष्ट वक्ता मौलाना फसीह हैदर ने कहा कि इमाम हुसैन के विचारों को आत्सात कर हम इंसानियत को जिंदा रख सकते हैं। कहा कि अगर इंसानियत सीखना है तो आप को इमाम हुसैन से सीखना पड़ेगा । लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रो. एवं मानव संसाधन विकास मंत्रालय की सदस्य डॉ शबाना आजमी ने कहा कि जब मैंने इतिहास में कर्बला की तारीख पढ़ी तो दिल रो दिया कि कैसे इमाम हुसैन ने मानवता को बचाने के लिए अपने छोटे छोटे बच्चों की क़ुरबानी दे दी। इस मौक़े पर जनाब मौलाना तकी, आबिद साहब, मौलाना जहूर मुस्तफा साहब, मौलाना मेहदी मरूफी साहब, मौलाना अशफाक किछौछ्वी, अब्दुल्ला, कैलाश, अखिलेश मौर्या, बिन्दुकांत तिवारी जी, गोपाल, रियाज अस्करी, हाजी सक़लैन, रियाज हुसैन, जर्रार अली, आसिफ सिंघानिया, मस्जूद असग़र, गुड्डू , शमीम नेता, शिबू, सक़लैन हैदर, सोनू राय, अत्यधिक संख्या में नौजवान और महिलाएं भी शामिल थी ।