मऊ। शिक्षा सत्र के चार माह बीत जाने के बाद भी जिले के अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय विद्यालयों में मानक के अनुरुप शिक्षकों तथा प्रधानाध्यापकों की तैनाती नहीं की जा सकी है। जिले में 168 अंग्रेजी माध्यम विद्यालय चयनित हैं। प्राइमरी में एक प्रधानाध्यापक तथा चार सहायक अध्यापक की तैनाती का नियम है। चयन परीक्षा के आधार पर तैनाती की जानी है। अधिकांश विद्यालयों में तीन से चार शिक्षकों की तैनाती है। दो बार हुई परीक्षा में शामिल लगभग 20 प्रधानाध्यापक परीक्षा पास नहीं कर पाए। लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था न हो पाने से अनुुत्तीर्ण प्रधानाध्यापक ही विद्यालय संचालित कर रहे हैं। मानक के अनुरुप शिक्षकों की तैनाती न होने से अभिभावक भी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। सरकार की तरफ से निजी विद्यालयों के समकक्ष खड़ा करने के लिए जिले में संचालित हो रहे परिषदीय विद्यालयों में से 168 अंग्रेंजी माध्यम के स्कूलों का चयन किया गया। वर्ष 2016-17 में दो, वर्ष 2017-18 में 50, वर्ष 2018-19 तथा 2019-20 में 116 सहित 168 अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों को संचालित किया गया। प्रत्येक विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक तथा चार सहायक अध्यापक की तैनाती की जानी है। परीक्षा के आधार पर इन विद्यालयों में तैनाती की जानी है। लेकिन चयन परीक्षा में कम शिक्षकों के रुचि लेने के चलते अभी तक रिक्त पदों को भरा नहीं जा सका है। प्रत्येक विद्यालयों में तीन से चार शिक्षकों से काम चलाया जा रहा है। चयन परीक्षा में 20 प्रधानाध्यापक शामिल तो हुए लेकिन परीक्षा पास नहीं कर पाए। अभी वैकल्पिक व्यवस्था न होने से अनुत्तीर्ण प्रधानाध्यापक ही विद्यालय संचालित कर रहे है। नए शिक्षा सत्र में आयोजित चयन परीक्षा में 327 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। लेकिन 198 शिक्षक सफल हो सके। कई शिक्षकों को पसंद का विद्यालय न मिलने से ज्वाइन ही नहीं किया। अधिकारियों की मानें तो ब्लाकवार अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों मेें रिक्त चल रहे सहायक अध्यापकों तथा प्रधानाध्यापकों के पदों की सूची बनाई जा रही है। रिक्त पदों के आधार पर चयन परीक्षा कराई जाएगी। चयन परीक्षा परिणाम के आधार पर एक प्रधानाध्यापक तथा चार सहायक अध्यापकों की तैनाती की जाएगी। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ओपी त्रिपाठी ने बताया कि अंग्रेजी माध्यम के प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों तथा सहायक अध्यापकों की सूची मांगी गई है। शीघ्र ही चयन परीक्षा कराई जाएगी। परिणाम के आधार पर शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शिक्षकों से कार्य कराया जा रहा है।