कोपागंज रेलवे स्टेशन का बड़ी लाइन व प्लेटफार्म निर्माण का बजट के अभाव में रुका काम।
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मऊ। इंदारा से दोहरीघाट आमान परिवर्तन का कार्य दो वर्ष से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी अधूरा है। नवंबर 2019 में ही काम पूरा होना था लेकिन जनवरी माह शुरू होने तक मात्र 60 फीसदी ही कार्य पूरा हो सका है। एक फरवरी 2018 से इंदारा-दोहरीघाट रूट पर रेलबस का संचालन बंद होने से कई कस्बों के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। वहीं रेलवे की धीमी गति से किए जा रहे आमान परिवर्तन के कार्य से लोगों में आक्रोश पनप रहा हैं। यूपीए सरकर में रेल बजट में 35 किमी मीटर गेज इंदारा-दोहरीघाट रेलमार्ग के आमान परिवर्तन को ब्राडगेज में बदलने की स्वीकृति मिली। 20 अक्टूबर 2016 एनडीए सरकार में रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने इंदारा जक्शन तक विकासपरक परियोजनाओं की घोषणा और शिलान्यास किया। एक फरवरी 2018 को इस रेलमार्ग पर संचालित होने वाले रेलबस का संचालन बंद कर आमान परिवर्तन का कार्य नवंबर 2018 में शुरू किया गया। 35 किमी पर 165 करोड़ की लागत से आमान परिवर्तन का कार्य नवंबर 2019 में पूरा होना था, लेकिन अभी तक केवल 60 फीसदी ही कार्य पूरा हो सका है। काम पूरा न होने के चलते इंदारा, कोपागंज, अमिला, दोहरीघाट आदि कस्बों के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एईएन ए के सिंह का कहना है कि बजट के अभाव में काम ठप पड़ा है।