मऊ। दोहरीघाट थाना क्षेत्र के मादीसिपाह में 26 अप्रैल 2018 को आई बारात में एक युवक को गोली मारने, उयुवक को घायल करने तथा उनकी कार को क्षतिग्रस्त करने के मामले की दोबारा जांच पुलिस करेगी।विवेचना के दौरान इस मामले में चार विवेचनाधिकारियों को बदला जाता रहा। जांच आख्या में दो विवेचनाधिकारी की जांच आख्या परस्पर विरोधी है। चौथे विवेचक ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। पीड़ित ने पुलिस उच्चाधिकारियों से लेकर सीएम और राज्यपाल को प्रार्थनापत्र देकर निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगाया। अब डीआईजी के निर्देश पर इस मामले की दोबारा विवेचना होने जा रही है। राज्यपाल को संबोधित दोहरीघाट थाने के बडकी बारी गांव निवासी संजय यादव के प्रार्थनापत्र के अनुसार 26 अप्रैल 2018 को उसके भतीजे गिरीश की बारात मादीसिपाह गांव में गई थी। वहां रात 12 बजे कुछ लोगों ने संजय के भाई राम विलास यादव को गोली मार दिया। मनबढ़ों ने उसकी कार को क्षतिग्रस्त कर दिया और बीच बचाव करने आए संजय को भी राड से पीटकर बेहोश कर दिया था। इस मामले में पहले अज्ञात हमलावरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया लेकिन बाद में संजय के बयान के आधार पर चार नामजद आरोपियों के शामिल रहने की बात पहले आईओ रमेश यादव ने अपनी जांच आख्या में लिखा। लेकिन उसी समय रमेश यादव से जांच लेकर वीपी सिंह को दी गई। वीपी सिंह ने अपनी जांच में एक नामजद आरोपी का नाम हटा कर तीन नए हमलावरों का नाम शामिल किया। इसके बाद वीपी सिंह को भी हटा दिया गया और जांच चौथे विवेचक प्रेम बहादुर यादव को सौंपी गई। चौथे विवेचक ने पीड़ितों के बयान लिया, घटना से जुडे तथ्यों को देखा परखा। लेकिन यह लिखते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दिया कि गोली चलाने वालों और तोडफोड़ करने वालों का पता नहीं चल रहाहै। पुलिस के इस रवैये से दुखी संजय ने एडीजी, डीआईजी, गृह सचिव, सीएम और राज्यपाल को प्रार्थनापत्र देकर न्याय की गुहार लगाया। अब डीआईजी के निर्देश पर इस मामले की दुबारा विवेचना की जाएगी। इस मामले में पीड़ित संजय यादव का आरोप है कि सत्ता पक्ष के एक व्यक्ति के दबाव पर बार बार विवेचक बदले गए और फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई।