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शिक्षकों के प्रति गंभीर नहीं है सरकार

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कलेक्ट्रेट पर उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के बैनर तले एक दिवसीय धरने का संबोधित करते उत्तर प्रदे? - फोटो : MAU
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मऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के तत्वाधान में शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। साथ ही जमकर नारेबाजी किया।
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मुख्यमंत्री को संबोधित उपजिलाधिकारी विजय मिश्र को ज्ञापन सौंपा। धरने को संबोधित करते हुए अरबी मदरसा के जनरल सेक्रेटरी अब्दुल हमीद फैजी ने कहा कि सरकार शिक्षकों के प्रति गंभीर नहीं है । शिक्षकों को नकारा घोषित कर शिक्षण व्यवस्था को चौपट करना चाहती है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य देव भाष्कर तिवारी ने कहा कि शिक्षकों की दुश्मन तो सभी सरकारें हैं लेकिन जितना नुकसान मौजूदा सरकार ने किया है उतना किसी ने नहीं किया है। पेंशन सहित अन्य भत्ते इसी सरकार में शिक्षकों से छीने गए हैं। शिक्षक नेता सतीश सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मिशन पहचान के ढोंग की आड़ में शिक्षकों को लूट रहे हैं। शिक्षक डर के माहौल में नवाचार बंद कर दिए हैं। विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अंजनी कुमार सिंह ने बीएसए पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके द्वारा जनपद में मात्र शिक्षकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उनके भ्रष्टाचार का विरोध करने वाले शिक्षकों को झूठे आरोपों में मनगढ़ंत कहानियां बनाकर निलंबित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कृष्णानंद राय ने कहा कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के भ्रष्टाचार की जांच कराकर कठोर कार्रवाई जब तक नहीं हो जाती है शिक्षक चुप नहीं बैठेंगे। संयोजक जयनारायण द्विवेदी ने कहा कि धारा 21 के द्वारा शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित रहता था और उनके विरुद्ध कोई भी दंडात्मक कार्यवाही बिना आयोग की सहमति के शून्य मानी जाती थी। शासन द्वारा नया एक्ट धारा 18 लागू करके शिक्षकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। धरने को राजेश राय, मनमोहन पांडेय, राजेश, राशिद जमाल, अखिलेश्वर शुक्ला, नीरज राय, पंकज कुमार तोमर, शाहनवाज खान आदि ने संबोधित किया । धरने में गोपाल तिवारी, ज्ञानचंद कन्नौजिया, संतोष सिंह , प्रमोद राय, शशिभूषण राय, सुरेंद्र नाथ यादव, प्रवीण राय, समीर राय, राधेश्याम, जगमोहन सिंह आदि शामिल रहे।
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