कोरौली माइनर के टूटने के बाद जलमग्न हुई पचास बीघा गेहूं की फसल।
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सूरजपुर। दोहरीघाट पंप कैनाल से संबद्ध अहिरानी- कोरौली माइनर की सफाई में खानापूर्ति करने का मामला उस समय उजागर हुआ है। जब पानी छोड़े जाने के बाद माइनर ओवरफ्लो हो गया, इस दौरान किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। इससे नाराज किसानों ने मंगलवार को पूर्वाह्न लगभग नौ बजे दोहरीघाट-मधुबन मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम लगने से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइनें लग गई। जाम की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे, थानाध्यक्ष दोहरीघाट ने किसानों को समझा बुझाकर शांत कराया। बताते चले कि दोहरीघाट पंप कैनाल से संबद्ध अहिरानी- कोरौली माइनर से सैकड़ों एकड़ की सिंचाई की जाती है। विभाग की तरफ से सफाई में खानापूर्ति की गई है। माइनर में खर पतवार की भरमार है। नहर में पानी छोड़े जाने के बाद पानी ओवरफ्लो होने लगा। सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। किसान शंभू का एक बीघा, रामानुज राय का दो बीघा, प्रकाश राय का एक बीघा, रामदुलारे का 12 बिस्सा, रामप्यारे का 15 बिस्वा, रघुवंश का आठ बीस्वा, हरिवंश का 13 बिस्वा, संजय का 13 बिस्वा सहित तमाम किसानों की गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। गुस्साए किसानों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अहिरानी माइनर की साफ सफाई करने के लिए विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों से कई बार लिखित व मौखिक शिकायत किया गया था। लेकिन आज तक विभागीय अधिकारियों तथा कर्मचारियों संज्ञान नहीं लिया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैए से प्रतिवर्ष फसल बर्बाद होती है। जरूरत के समय पानी नहीं छोड़ा जाता है। नो डिमांड में पानी छोड़ा जाता है। किसानों ने फसल क्षति का आकलन कर मुआवजा देने की मांग किया। जाम की सूचना मिलते ही दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे दोहरीघाट थानाध्यक्ष रूपेश कुमार सिंह ने किसानों को समझा बुझाकर मामले को शांत कराया।