घोसी नगर के बड़ागांव में शबबेदारी में नौहाख्वानी करते अकीदतमंद।
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घोसी। नगर के बड़ागांव में इमाम हुसैन के बेटे हजरत अली अकबर की याद मे शब्बेदारी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर तकरीर करते हुए मौलाना तौसीफ हैदर कुम्मी ने अली अकबर के जीवन पे प्रकाश डाला। उसके बाद अंजूमनों की नौहाख्वानी का दौर शुरू हुआ। अंजुमन असगरिया अम्हट सुल्तानपुर ने अपने मख्सूस अंदाज मे नौहा पढ़ा आंसुओं का नजराना हो कबूल या जहरा इस अवसर पर अंजुमन हुसैनी मिशन, दस्ता ए मासूमिय, अंजुमन अंसारे हुसैनी मोबराकपर, अन्जुमन मासूमिय, अंजुमन तन्जीमुल हुसैनी,अन्जुमन मासूमिय क़दीम, अन्जुमन मासूमिय रजिस्टर्ड आदि ने नौहाख्वानी की। शब्बेदारी के आखिर में अशरे आशूर का दिलसोज मंजर पेश हुआ जिस की तकरीर मौलाना मुंतजिर अब्बास ने की। उन्होंने कर्बला का मोसायब बयान किया जिसे सुनकर कर उपस्थित अजादार सरो सीना पीट कर रोने लगे। इस अवसर पर नदीम रजा, जोहैर अब्बास, नायाब हैदर, अरमान अख्तर, समर रजा, आबिद अली, मो अब्बास, हसन अली, मुहर्रम अली, वारिस अली, खुर्शीद बाक़र, अहमद रजा, अली अकबर, मुनिस, इफ्तेखार, अन्जुम, हसन अली, जफर अब्बास, मो तालिब, मो मुस्तफा आदि उपस्थित रहे।