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एमआर का कलेक्ट्रट पर धरना-प्रदर्शन

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कलेक्ट्रेट पर मांगों को लेकर प्रदर्शन करते मेडिकल रिप्रजेंटेटिव। - फोटो : MAU
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मऊ। उत्तर प्रदेश मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन ने विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रट परिसर में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी को केंद्रीय श्रम मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। बुधवार को उत्तर प्रदेश मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन के सदस्यों ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा केंद्र सरकार द्वारा वर्तमान मिनिमम पेमेंट एक्ट को बरकरार कर सारी श्रम कानूनों को कोड में परिवर्तित करने पर विरोध जताया। बोले कि इससे मजदूरों के एक बड़े हिस्से को श्रम कानूनों का लाभ नहीं मिलेगा। बोले कि जिसमें सरकार ने 44 श्रम कानूनों को बदल दिया जिससे मजदूरों के 90% हिस्से को इस परिधि से बाहर कर दिया गया। जिसके कारण पहले के नियम के अंतर्गत न्यूनतम वेतन अधिनियम, बोनस अधिनियम, बोनस भुगतान अधिनियम का उल्लंघन करने पर मालिकों को आर्थिक दंड के साथ 6 महीने की जेल का प्रावधान था।जबकि नए नियम में केवल आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है7। साथ ही बताया कि कार्यस्थल सुरक्षा स्वास्थ्य एवं सेवा शर्तें अधिनियम 2019 को इस प्रकार बनाया गया है कि मजदूरों की सुरक्षा स्वास्थ्य एवं सेवा शर्तों को लागू करने के लिए मालिक को पूजी पत्तियों एवं कारपोरेट को कोई जवाबदेही नहीं देनी होगी। बोले कि 24 जुलाई को वेज कोड बिल 2019 एवं वर्किंग कंडीशन विल प्रस्तावित किया गया। सरकार द्वारा इस एक्ट को लागू करने के विरोध में एसोसिएशन पिछले तीन माह से विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये तथा आठ घंटे की वर्किग की मांग की। प्रदर्शन के बाद एसोसिएशन के सदस्यों ने श्रम मंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में पीयूष उपाध्याय, विनय तिवारी, सोनू यादव, आदित्य गुप्ता, चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, शुभम, अमित शर्मा, पंकज, अनुपम राय, सत्यपाल पांडे, आदित्य पांडे, सौरव श्रीवास्तव, योगेश चतुर्वेदी, सिद्धार्थ, रजत, तनवीर, अर्पित, शुभम राय आदि सैकड़ों दवा प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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