मऊ। संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि अगस्त, सितंबर एवं नवंबर स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होते हैं। मौसम के बदलाव से बिमारियां होती हैं। शहर से ज्यादा गावों के लोगों को जागरूक करना है कि मच्छरों एवं गन्दे पानी तथा जल जमाव के कारण ही मलेरिया तथा डेंगू जैसी बीमारिया पैदा हो रही हैं। बरसात के समय में विशेष ध्यान देने की जरूरत गांव वालों को बताई जाए। डीएम ने शहरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर साफ-सफाई एवं दवाओं का छिड़काव कराते रहने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी डाक्टरों की उपस्थिति शत प्रतिशत सुनिश्चित कराने के लिए सीएमओ को निर्देश दिया। डीएम ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया कि ग्राम पंचायत में जितने हैंड पंपों का रिबोर नहीं हुआ है, उन्हें रिबोर करा लिया जाए। उन्होंने कहा कि जिन हैंड पंपों को रेड मार्क करना है , उन्हें भी पूर्ण करा लें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें। जिलाधिकारी ने शहर के सभी जगहों से कूड़ा - कचरा आदि की सफाई कराने के निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी वीएचएनडी सत्र में सभी गर्भवती महिलाओं की एचआईवी एवं सिफलिस की जॉच, टीबी मरीजों की एचआईवी जॉच सभी केन्द्रों पर, एचआईवी ग्रसित मरीजों को एआरटी0 रेफर किया जाये, जिससे सभी मरीजों की एआरटी शुरू किया जा सके। बैठक में जिलाधिकारी ने संस्थागत प्रसव एवं जननी सुरक्षा योजना की वित्तीय एवं भौतिक कार्यक्रम की तुलनात्मक समीक्षा किया। टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम की समीक्षा, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, एनआरसी, निर्माण कार्य कार्यक्रम, पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग नियन्त्रण कार्यक्रम, एचआईवी, आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय अन्धता नियन्त्रण कार्यक्रम, कुष्ठ रोग, एनयूएचएम कैम्प, एचबीएनसी कार्यक्रम की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पंचायत राज अधिकारी, आई0सी0डी0एस0, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला दिव्यांग सशक्तीकरण अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी एवं डाक्टर उपस्थित रहे।