मऊ । प्रभारी विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायाधीश पंकज की कोर्ट से जारी वारंट के मामले में दूसरे व्यक्ति को गिरफ्तार कर चालान करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए सोमवार को कोतवाल घोसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही कोतवाल से तीन दिन में स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आदेश में लिखा है कि समय के अंदर स्पष्टीकरण नहीं देते हैं तो कोतवाल घोसी के विरुद्ध न्यायालय के अवमानना की कार्रवाई की जाएगी ।
मामले के अनुसार कोर्ट में कोतवाली घोसी क्षेत्र के बैरासी गांव निवासी सुनील कुमार पुत्र सूर्यभान ने प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें आरोप लगाया कि मुकदमा नंबर 489 वर्ष 2019 धारा एमवी एक्ट में थाना घोसी की पुलिस द्वारा उसे गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया। जिसके चलते उसे जेल भेज दिया गया। सुनील कुमार का कथन है कि मुकदमा उपरोक्त में अभियुक्त सुनील कुमार पुत्र चंद्रिका प्रसाद निवासी बैलखनी अभियुक्त है। पुलिस को बताने के बावजूद जानबूझकर सुनील कुमार पुत्र चंद्रिका प्रसाद निवासी बैलखनी की जगह उसे गिरफ्तार कर चालान कर दिया। जानबूझकर पुलिस ने उसके संवैधानिक अधिकारों का हनन किया है। पीड़ित ने कोतवाल घोसी के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की है। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने घोसी कोतवाल परमानंद मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब किया है।