जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में निरीक्षण करते डीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी।
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मऊ। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा गत माह जिला अस्पताल के निरीक्षण में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने का फरमान जारी किया था। लेकिन जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण में अस्पताल में व्यवस्था की पोल खुल गई। जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने शुक्रवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में व्यापक पैमाने पर अनियमितता मिली। सफाई व्यवस्था बद से बदतर मिलने पर सीएमएस को कड़ी फटकार लगाई। कई कर्मचारी रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर गायब मिले। एक चिकित्सक सहित 10 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। डीएम ने अनुपस्थित कर्मचारियों का स्पष्टीकरण लेने के लिए सीएमएस को निर्देश दिया। जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया। सर्वप्रथम जिलाधिकारी पूर्वाह्न 10.05 बजे उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण किया। डॉ. सुभाष सिंह, प्लास्टिक सर्जन, रोस्टर के अनुसार 25 जुलाई को अनुपस्थित थे। अशोक मौर्या कनिष्ठ सहायक, रीना प्रजापति हेल्प डेस्क सहायक, रोशनी स्टाफ नर्स, अशोक लैब टेक्निशियन, कृष्णानंद एवं आदित्य आउट सोर्सिंग कर्मचारी, सरिता सफाई कर्मचारी, श्रीमी रेहाना सफाई कर्मचारी, विमला सफाई कर्मचारी, अरविंद सफाई कर्मचारी अनुपस्थित मिले। मनोज सिंह आयुष्मान मित्र द्वारा हस्ताक्षर किया गया था परंतु उनके कक्ष में ताला लगा हुआ पाया गया। रोशनी 21 से ही अनुपस्थित मिली। भारी संख्या में कर्मचारियों के गायब रहने पर डीएम ने नाराजगी प्रकट करते हुए सीएमएस को कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का स्पष्टीकरण प्राप्त कर अपनी आख्या सहित प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी अधिकारियों, कर्मचारियों के उपस्थिति की बायोमैट्रिक व्यवस्था तत्काल लागू करने का निर्देश दिया। जिला अस्पताल परिसर में लगे वाटर कूलर एवं आर.ओ. फिल्टर का निरीक्षण किया। वाटर कूलर, आरओ फिल्टर के पास काफी समय से साफ-सफाई नहीं की थी। आस-पास साफ-सफाई का समुचित व्यवस्था को बेहतर करने तथा दिन में कम से कम चार से पांच बार वहां पोछा लगवाने का निर्देश दिया। अस्पताल परिसर में ब्लड सेक्शन की तरफ अपस्पताल भवन के अंदर काफी घास-फूस उग आयी है। वहां काफी गंदगी भी पाई गई। अस्पताल परिसर में काफी खाली जगह उपलब्ध है। इसमें बार-बार आदेश दिए जाने के बावजूद साफ-सफाई का स्तर गुणवत्तापूर्ण नहीं होने पर नाराजगी प्रकट की। मुख्य चिकित्साधिकारी को इसका निस्तारण कराने का निर्देश दिया। गत माह स्वास्थ मंत्री द्वारा निर्देशित किया गया था कि जिला अस्पताल के मुख्य गेट के पास एक चैंबर में दो कर्मचारी मय स्ट्रेचर के साथ उपस्थित रहेगें ताकि यदि कोई आकस्मिक अवस्था में मरीज अपने साधन से आता है तो गेट के पास से ही उसे आकस्मिक कक्ष तक जाने के लिए सुगमता हो। परंतु निरीक्षण के दौरान गेट के पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं पाई गई। जिलाधिकारी ने चैंबर में दो कर्मचारी मय स्ट्रेचर के साथ उपस्थित रहने का निर्देश दिया।