मऊ। शहर में 54 ऐसे मरीज सामने आए हैं, जिन्हें एक साथ दो गंभीर बीमारियों से जिदंगी की जंग लड़नी पड़ रही हैं। एक बीमारी से वो पहले ही जूझ रहे थे, इसी बीच दूसरी बीमारी की गिरफ्त में आ गए। हालांकि उनका हौसला टूटा नहीं है और वह अब हर दिन डाक्टरों की की सलाह से न सिर्फ इलाज करा रहे है बल्कि सामान्य जिदंगी जीकर परिवार तथा सामाज के सामने जीवटता की मिसाल बन रहे हैं। जिला अस्पताल में एचआईवी पीड़ितों की जांच के लिए बना एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी(एआरटी) सेंटर में एचआईवी से पीड़ित मरीजों की जांच के दौरान नया खुलास हुआ है। जिसमें एचआईवी के साथ मरीज टीबी की बीमारी से पीड़ित हुए मिले। सेंटर में इस साल 45 मरीजों में एचआईवी तथा टीबी की दोहरी बीमारी पाई गई हैं। जिसमें 35 पुुुरुष, दो किशोर, छह महिलाएं तथा दो किशोरियां शामिल हैं। वहीं टीबी क्लीनिक में भी जांच के दौरान नौ मरीज टीबी तथा एचआईवी से पीड़ित मिले हैं।
आंकड़ों पर गौर करे तो वर्तमान में एआरटी सेंटर में 1858 मरीज अपना इलाज करा रहे हैं, इनमें 210 नए मरीज इस साल चिह्नि हुए है, जिसमें 45 मरीज दोहरी बीमारी से पीड़ित हैं। डाक्टरों के मुताबिक इन दोनों बीमारियों से पीड़ित मरीज को दृढ इच्छाशक्ति और अनुशासित जिंदगी जीने की जरुरत है। ऐसे मरीज पहले तो दो-दो बीमारियों से पीड़ित होने की जानकारी पर घबराए, लेकिन सही काउसलिंग तथा मरीजों के नियमित रूप से सेंटर आने और चेकअप तथा दवा का सेवन करने से वह दोनों बीमारियों से लड़ रहे हैं। इनमें तो कई ऐसे मरीज है जो अपनी जिदंगी और परिवार की सारी जिम्मेदारियों का फर्ज निभा रहे हैं।
कोट
जिन मरीजों में एचआईवी तथा टीबी दोनों बीमारी से पीड़ित होना पाया जा रहा है। उनका नि:शुल्क नियमित जांच कर दवाईयां दी जा रही हैं।
शिवेंद्र बहादूर सिंह, फार्मासिस्ट, एआरटी सेंटर