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ब्लड बैंक में सिर्फ पांच यूनिट ब्लड

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मऊ।जिला अस्पताल में 400 यूनिट ब्लड की क्षमता वाले ब्लड बैंक में शुक्रवार को पांच यूनिट ब्लड ही बचा है।बीते अक्तूबर माह में ब्लड बैंक द्वारा 106 यूनिट जारी किया गया है। जिसमें 37 यूनिट ब्लड तो जिम्मेदारों द्वारा फ्री ही वितरित किया गया। जिम्मेदारों द्वारा इसके पीछे कैंसर, थैलेसिमिया बीमारी से पीड़ितों मरीजों को ब्लड देने का दावा किया गया है। चौकाने वाली बात है कि इन घातक बीमारियों से पीड़ित केवल चार मरीजों को ही ब्लड दिया गया है। ऐसे में समाजिक संगठनों द्वारा ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर लगाकर एकत्र किए गए लोगों के अमूल्य ब्लड को जिम्मेदारों की मेहरबानी के चलते रेवड़ियों की भांति बांटा जा रहा है। नियमानुसार ब्लड बैंक से ब्लड लेने के साथ उसके बदले में ब्लड डोनेट करना होता है, जिससे ब्लड बैंक में अलग अलग ग्रुप के ब्लड यूनिट का स्टॉक बना रहा। ब्लड बैंक में शुक्रवार को केवल पांच यूनिट ब्लड बचा है। इसमें बी पॉजिटीव के 2, एबी ग्रुप का 1, बी निगेटिव ग्रुप का 1 और ए निगेटिव ग्रुप का 1 यूनिट ब्लड बचा है। आंकड़ों पर गौर करे तो बीते जूलाई माह से सितंबर माह तक ब्लड बैंक में अलग अलग समाजिक संगठनों द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था। जिसमें कुल 128 यूनिट ब्लड डोनेट हुआ था। लेकिन बीते सितंबर माह तथा अक्तूबर माह में अस्पताल प्रबंधन द्वारा समाजिक संगठनों द्वारा एकत्रित ब्लड यूनिट दोनों हाथों से लोगों को खुश करने के लिए नियम को ताक पर रखकर बांटा है। अक्तूबर माह में ब्लड बैंक से 106 यूनिट ब्लड जारी किया गया है। सूत्रों की माने तो इसमें 37 यूनिट ब्लड फ्री बांटा गया है, अस्पताल प्रबंधन द्वारा गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को फ्री ब्लड देने का दावा किया गया है। जबकि केवल चार यूनिट ही कैंसर, प्लास्टिक एनिमया, थैलेसिमिया तथा एक लावारिश मरीज को बांटा गया है। जबकि रक्तदान कर चुके 20 रक्तदाता को डोनेट कार्ड पर 20 यूनिट ब्लड दिया गया है। जबकि सीएमएस द्वारा 13 यूनिट ब्लड फ्री कर जारी किया गया है। ब्लड बैंक से ब्लड जारी करते समय केवल कैंसर, एनिमिया जैसे गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को ही ब्लड फ्री जारी किया जाता है। अन्य से ब्लड जारी करते समय उस समय उनके द्वारा उपलब्ध रक्तदाता से किसी भी ग्रुप का ब्लड डोनेट कराया जाता है। सीएमएस डॉ. बृजकुमार ने बताया कि गंभीर रूप से बीमार मरीज तथा अलावा प्रसव के भर्ती महिलाओं तथा लावारिश मरीजों के अलावा दुर्घटना में गंभीर घायलों को ब्लड जारी किया जा रहा है।
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