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बिना फिजिशियन के संचालित हो रहा है एनसीडी क्लीनिक

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मऊ। जिला अस्पताल में गैर संचारी बीमारियों का इलाज करने के लिए अलग से एनसीडी (नान कम्यूनिकेबल डिजीज) क्लीनिक खोला गया है। लेकिन दो साल से विभाग में फिजिशियन का पद रिक्त चल रहा है। इससे मरीजों के इलाज में परेशानी आ रही है। जबकि रोजाना शुगर, हाइपरटेंशन, बीपी जैसे कई बीमारियों से पीड़ित 200 से ज्यादा मरीज क्लीनिक में इजाज कराने के लिए पहुंचते हैं। जहां चिकित्सक न होने से तैनात एपिडेमियोलॉजिस्ट द्वारा इलाज किया जा रहा है। वहीं चिकित्सक न होने के चलते क्लीनिक में तैनात कर्मचारियों के मनमाने रूप से ड्यूटी करने से भी मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। जिला अस्पताल में गैर संचारी बीमारियों के मरीजों के इलाज के लिए अलग से एनसीडी क्लीनिक नवंबर 2016 में खोला गया था। यहां की व्यवस्था को देखने के लिए फिजिशयन के रूप में डॉ. प्रशांत कुमार राय और महिला चिकित्सक के तौर पर डॉ. शालिनी राय की तैनाती की गई थी। इसके अलावा एपिडेमियोलॉजिस्ट के रूप में डॉ. आदित्य राय, लैब टैक्नीशियन धर्मेंद्र गिरी, फिजियोथेरेपिस्ट राधेश्याम और एक कांउसलर सहित दो स्टॉफ नर्सों कीतैनाती की गई। लेकिन कुछ माह बाद ही दोनों चिकित्सकों का स्थानांतरण होगया। उसके बाद से अब तक बीते दो वर्ष से एनसीडी क्लीनिक में आने वाले मरीजों की जांच एपिडेमियोलॉजिस्ट के रूप में डॉ. आदित्य राय के भरोसे हो रही है।इससे क्लीनिक में आने वाले मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि नियमानुसार एनसीडी क्लीनिक में मरीजों की जांच के लिए अनिवार्य रूप से फिजिशियन चिकित्सक की तैनाती होनी चाहिए। यहीं नहीं एनसीडी क्लीनिक में वरिष्ठ चिकित्सक न होने के चलते तैनात कर्मचारी भी अक्सर बहाना बनाकर क्लीनिक से गायब रहते हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सतीश चंद्र सिंह ने बताया कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। औचक निरीक्षण में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिजिशियन की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
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