मुहम्मदाबाद गोहना के वलीदपुर में उर्स मेले में गागर लेकर जाते गद्दी नशीन के साथ जायरीन।
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वलीदपुर। नगर स्थित हजरत सूफी मोहम्मद जान सिद्दीकी किरमानी के 88वें उर्स पर अकीदतमंदों ने उनके आस्ताने पर हाजिरी लगाई। साथ ही उनके गागर-चादर और खिरकापोशी की रस्म में शामिल होकर फैज उठाया। रस्म के साथ ही दो दिवसीय उर्स का गुरुवार को समापन हो गया। गुरुवार को 88वें उर्स पर सुबह मजार शरीफ पर संदल से गुस्ल कराया गया। मोईनीया मंजिल खानकाह से गद्दीनशीन शाह मोहम्मद इजहार अहमद मोईनी की सदारत में हजारों जाइरीन रौजा स्थित सूफी किरमानी के आस्ताने पर पहुंचे और गुस्ल की रस्म में शामिल हुए। खानकाह से गागर चादर का जुलूस निकला जो अपने मुख्य मार्ग से होते हुए आबिदा बहिनी के मजार पर पहुंचा जहां गागर की रस्म अदा की गई। इस दौरान मुबारकपुर से आए कव्वाल इरशाद अहमद ने ‘हम सूफी की गागर उठाने आए हैं’ कव्वाली से लोगों की वाहवाही लूटी। सूफी मोहम्मद जान किरमानी के बारे में बताया जाता है कि वह एक पहुंचे हुए फकीर थे। आपके जुबान से निकली हुई हर बात पत्थर की लकीर हुआ करती थी। इस मौके पर सूफी किरमानी रहमतुल्लाह अलैह के परिवार के शाह गुलाम नूरानी, शाह निहाल अहमद, शाह मोहम्मद अहमद, मोहम्मद अशरफ, मोहम्मद असलम, सोहैल अहमद, मसीर अहमद, समर, साजिद, मोहम्मद शाहिद आदि मौजूद रहे। सुरक्षा के लिए प्रशासन की ओर पुलिस की तैनाती की गई थी।