नगर के शाही कटरा मैदान में ऐतिहासिक रामलीला में भरत मिलाप के दौरान गले मिलते श्रीराम,भरत, लक्ष्मण
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मऊ। नगर के कटरा मैदान पर भरत मिलाप लीला के दौरान जब चारों भाइयों को मिलन हुआ तो इलाका श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। भाइयों का मिलन देख हर कोई भावुक हो उठा। लीला स्थल पर तिल रखने भर को जगह नहीं रही। कटरा शाही मस्जिद परिसर के पास लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर किसी में मिलन की इस घड़ी के साक्षी बनने की होड़ लगी रही। उधर, सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद और सजग रहा। नगर के सौहार्द का प्रतीक भरत मिलाप गुरुवार की भोर में पौ फटने अके दौरान शाही कटरा मस्जिद के प्रांगण में सकुशल और सौहार्द के वातावरण में संपन्न हो गया। श्री रामलीला मेला समिति के तत्वावधान में आयोजित भरत मिलाप लीला का मंचन शीतला धाम से शाही कटरा मस्जिद परिसर के बीच गुरुवार की तड़के हुआ। रविवार की राम प्रभु श्रीराम का पुष्पक विमान शीतला धाम से अयोध्या को रवाना होता है। इस दौरान रास्ते में जगह-जगह प्रभु श्री राम को रोक कर लोग उनका स्वागत आरती और पूजा करते है। इतना ही नहीं प्रभु के आने की सूचना मिलने पर उत्सव जैसा माहौल हो जाता है। भोर में साढ़े चार बजे प्रभु का पुष्पक विमान शाही कटरा मस्जिद के पास पहुंचा। इस दौरान भोर की अजान के साथ हर-हर महादेव के नारे से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। पुराने जमाने से चली आ रही, इस परंपरा को राम-रहीमके मिलन, आपसी सौहार्द के रुप में देखा जाता है। भरत प्रभु के आने में विलंब होने पर विलाप करने लगते हैं। विलाप करते हुए भरत अपने प्राण को त्यागने को कहते है। तभी हनुमान वहां पहुंचते है। यहां भरत हनुमान संवाद होता है। हनुमान ने प्रभु श्रीराम के आने का संदेशा भरत जी को देते है। इस पर भरत हनुमान को गले लगा लेते है। तभी प्रभु का विमान शाही कटरा मस्जिद के मुख्यद्वार को तीन बार छू कर आगे बढ़ जाता है, इसके बाद राम और भरत का मिलन होता है। यह ऐतिहासिक पल देखने के लिए शाही कटरा मैदान में हजारों की भीड़ उमड़ी थी। चारों भईयन के मिलने पर कमेटी के साथ आम जनमानस ने उनकी आरती कर पुष्प वर्षा की। इस दौरान श्रीराम के जयकारे से माहौल पूरी तरह राममय हो गया था। मिलन देख कर कई स्त्रियां रो पड़ी जब कि पूरा मजमा भावुक हो उठा।