मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना तहसील में अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र के लिए बुधवार को तहसील परिसर में धरना देने आए गोंड समाज के लोगों को रोक दिया गया। विरोध में 12 से ज्यादा लोग तहसील गेट के बाहर खुले आसमान में ही धरने पर बैठ गए। बुधवार की रात में धरने पर बैठे लोगों को टेंट लगाने की भी इजाजत नहीं मिली। सड़क किनारे दुर्घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस ने मुहम्मदाबाद गोहना- आजमगढ़ रोड पर धरनास्थल पर बैरीकेडिंग लगा दिया।
जानकारी के अनुसार, मऊ जनपद में गोंड जाति को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण जारी नहीं हो रहा है। इसके लिए विगत एक महीने में तीन बार धरना प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन जांच के बाद प्रमाण पत्र जारी करने का आश्वासन मिलता रहा।
जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद भी प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ तो बुधवार को एक बार फिर से लोग तहसील में धरना देने आ गए। सूचना पर पहले से ही चौकन्ना प्रशासन ने उन्हें तहसील में घुसने नहीं दिया। देर शाम महिला- पुरुष और युवा तहसील गेट के बाहर ही सड़क किनारे धरने पर बैठ गए।
इस मार्ग पर बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में दुर्घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सड़क किनारे बैरिकेडिंग लगा दिया। सुरक्षा को लेकर भारी संख्या में पुलिसकर्मी रात भर धरनास्थल पर ड्यूटी देते रहे। धरना पर बैठी अनुष्का, रितु गोंड, मुकेश, सविता आदि का कहना है कि इसके पहले तहसील प्रशासन द्वारा गोंड को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी किया गया है। फिर अचानक प्रमाण पत्र जारी करना बंद कर दिया गया है। यह हमारे हक के साथ नाइंसाफी है। बताया कि प्रशासन चाहे कितना भी प्रतिबंध लगा ले लेकिन हम गांधीवादी तरीके से अपना धरना जारी रखेंगे।