मऊ। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों सहित उन सभी गरीबों को अब केरोसिन तेल नहीं मिलेगा जिनके घरों में बिजली का कनेक्शन है। सरकार के नए फरमान के बाद ऐसे गरीबों की पहचान के लिए जिले में सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के लिए तहसीलवार चार टीमें लगा दी गई हैं। पांच अगस्त से शुरु यह सर्वे एक महीने में पूरा करके रिपोर्ट जिला पूर्ति अधिकारी को देनी है। विद्युत विभाग और रसोई गैस एजेंसी संचालकों से ऐसे उपभोक्ताओं की सूची मांगी गई है। पूर्ति विभाग के निरीक्षकों को सत्यापन कार्य के लिए लगाया गया है। अगर यह आदेश क्रियान्वित हो जाता है तो जिले में प्रति माह वितरित किए जाने वाले 468 किलोलीटर कैरोसिन तेल की बचत होगी। केरोसिन तेल का वितरण केवल पात्र गृहस्थी और अन्त्योदय श्रेणी ेि परिवारों को ही किया जाता है। जिले में पात्र गृहस्थी परिवारों की संख्या तीन लाख 12 हजार 779 है। इनमें से शहरी क्षेत्र के 57 हजार 499 परिवार हैं जबकि ग्रामीण क्षेत्र के दो लाख 55 हजार 290 परिवार हैं। इनके अलावा अन्त्योदय परिवारों की कुल संख्या 56 हजार 594 है। इनमें से ग्रामीण क्षेत्र के 49 हजार नौ परिवार हैं जबकि शहरी क्षेत्र के अन्त्योदय परिवारों की संख्या सात हजार पांच सौ इक्यासी है। इस प्रकार पात्र गृहस्थी और अन्त्योदय श्रेणी के परिवारों की संख्या तीन लाख 69 हजार तीन सौ तिहत्तर है। जिले में अब तक कुल दो लाख 75 हजार रसोई गैस उपभोक्ता हैं। इनमें उज्जवला योजना के लाभार्थी भी हैं। जिले में प्रति माह लगभग 468 किलोलीटर केरोसिन का वितरण कोटेदारों के माध्यम से गरीबों को होता है। किरोसिन तेल का वितरण केवल पात्र गृहस्थी और अन्त्योदय परिवारों को ही होता है। पात्र गृहस्थी श्रेणी के परिवारों को प्रति माह एक लीटर तथा अन्त्योदय परिवारों को प्रतिमाह तीन लीटर किरोसिन तेल वितरित किया जाता है। सर्वे के बाद सरकार का यह आदेश लागू हो जाने के बाद प्रति माह 468 किलोलीटर केरोसिन की बचत मऊ जैसे छोटे जिले से होगी। चूंकि केरोसिन पर सरकार को सब्सिडी पर भारी कीमत चुकानी पड़ती है। तब जाकर रियायती दर पर गरीबों को केरोसिन मिल पाता है। इधर प्रदेश सरकार ने सौभाग्य योजना के तहत हर घर को बिजली कनेक्शन दे रही है। इस प्रकार जिले के तीन लाख 12 हजार 779 पात्र गृहस्थी और 56 हजार 594 अनत्योदय परिवारों को मिलने वाला केरोसिन बंद हो जाएगा।
कोट
शासन से इस आशय का पत्र आया है। पांच अगस्त को सभी गैस एजेंसी संचालकों और जिले के बिजली विभाग के तीनों डिवीजनों के अध्रिशासी अभियंताओं को पत्र भेज दिया गया। सर्वे का काम शुरु है। एक महीने में सर्वे पूरा करके रिपोर्ट मांगी गई है। - नरेंद्र तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी