नगर के भीटी में तमसा नदी में आई बाढ़ और जलस्तर को दर्शाता पुल पर बना गेज मीटर।
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मऊ। लगातार बढ़ रही तमसा नदी ने लोगों का नींद उड़ा दी है। तमसा का पानी तटवर्ती इलाकों में निरंतर बढ़ रहा है। नदी में गिरने वाले सभी प्रमुख नालों के रेगुलेटर बंद कर दिए गए हैं। इससे नगर में हो रहे जलभराव से बचाने के लिए पंप लगाकर पानी नदी में फेंका जा रहा है। नालों के मुहानों पर सिंचाई विभाग की ओर से मिट्टी भरी बोरियां रखी गई हैं। नगरपालिका की ओर से शहर को पानी से बचाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। कर्मचारियों को एलर्ट कर दिया गया है। पिछले 24 घंटों तमसा नदी में 18 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। हालांकि नदी अभी खतरा बिंदु से डेढ़ मीटर नीचे है। खतरा बिंदु 65.88 है। जबकि गुरुवार को नदी का जलस्तर 67. 37 अंकित किया गया। तमसा नदी का पानी खालसा चक कानूनगोयान, सरायलखंसी भदेसरा, मुसरदह , उमापुर , नसोपुर ,वजीरपट्टी, सरवां बभनीकोल, जयसिंहपुर आदि गांवों के सीवानों में फैल गया है। जलस्तर बढ़ने से शहर के सभी नालों से नदी का पानी शहर में घुसने से रोकने के लिए रेगुलेटरों को बंद कर दिया गया है। नालों के मुहानों पर बालू और मिट्टी भरी बोरियां गिरा दी गई हैं। नदी का पानी खेतों में भर जाने से कई सब्जियां अरहर और हरे चारे की फसलें नष्ट हो रही हैं। सहायक अभियंता सिंचाई योगेंद्र यादव का कहना है कि तमसा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। हालांकि आजमगढ़ में तमसा के पानी के बढ़ने की गति काफी धीमी हो गई है। अब कल तक यहां पर भी जलस्तर स्थिर होने की संभावना है। वैसे अभी खतरा बिंदु से नदी का जलज्ञस्तर काफी नीचे है। कुसुम्हां : घाघरा नदी का पानी खतरा बिंदु से 60 सेंटीमीटर नीचे है। गुरुवार को सुबह 8 बजे 69.24 तथा 12 बजे 69 .28 तथा चार बजे शाम को 69.30 मीटर रहा। जबकि खतरा बिंदु 69 .9 0 है। नदी हालांकि धीमी गति से बढ़ रही है फिर भी नदी खतरा बिंदु पार करती है तो पानी भारत माता मंदिर तथा डोमराज के आवास पर खतरा बढ़ जाएगा सिंचाई विभाग के जेई जेपी यादव ने बताया कि खतरा बिंदु से नदी का पानी ऊपर हो जाने पर भी इस क्षेत्र में कोई खतरा नहीं है। खतरे को देखते हुए हर जगह बोल्डर लगाकर पानी को रोकने का कार्य अच्छी तरह से किया गया है। जलस्तर पर निगाह रखी जा रही है।