मधुबन के देवारा स्थित चक्की मूसाडोही गांव में घाघरा नदी के पानी से घिरा घर।
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दोहरीघाट/ मधुबन। उफनाई घाघरा नदी के पानी के दबाव से चक्की मूसाडीह गांव का मुख्य मार्ग टूट गया है। ऐसे में गांव का कई अन्य गांवों से आवागमन कट गया। उधर मधुबन तहसील क्षेत्र के करीब छह गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। कई गांवों के संपर्क मार्गों पर भी पानी हिलोरे ले रहा। लोग जान जोखिम में डालकर किसी तरह जा रहे। खास कर इलाकों में पशुओं के चारे के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। इतना होते हुए भी प्रशासन की तरफ से नाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। 24 घंटे में दोहरीघाट में घाघरा के जलस्तर में पांच सेमी की कमी तो आई है लेकिन पानी का तेवर लोग सशंकित हैं। खतरा बिंदु से नीचे होने के बाद भी घोसी तथा मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा इलाकों के गांवों तक पानी पहुंच गया है। मधुबन तहसील के हाहा नाला पर नदी के जलस्तर में चार सेमी की वृद्धि होने से मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा इलाके के मनमन का पुरा, भगत का पुरा,नंद का पुरा, विनटोलिया, नई बस्ती, जरलहवा सहित चक्की मुसाडोही गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। चक्की मुसाडोही गांव के राम लक्षन चौहान, विनय कुमार चौहान, शेष नाथ खरवार, पन्नेलाल, राजाराम, वाबूलाल, हरिकेश का कहना है कि गांव को शुक्ल तेलिया होते हुए बरहज को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग गत तीन सालों से टूट जा रहा है।जिससे लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। अभी तक प्रशासन की तरफ से नाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो दोहरीघाट के गौरी शंकर घाट पर रविवार को घाघरा का जलस्तर 69.75 मीटर रहा। शनिवार को 69.80 मीटर था। 24घंटे में नदी के जलस्तर मेें पांच सेमी की घटाव दर्ज किया गया। खतरा बिंदु 69.90 मीटर है। जबकि परसिया जयराम गिरि हाहा नाला पर नदी के जलस्तर चार सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। रविवार को चार सेमी बढ़कर 65.45 मीटर रहा। जबकि खतरा का निशान 66.31 है। मधुबन तहसील के तहसीलदार सुभाष यादव का कहना है कि नावों की व्यवस्था करने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।