मऊ। मकर संक्रांति पर 15 जनवरी को नगर के तमसा तथा दोहरीघाट के पवित्र सरयू तट पर श्रद्घालुओं का जमघट लगेगा। भारी भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतेजाम किए गए हैं। मान्यता है कि मकर संक्रांति के अवसर पर स्नान करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। उधर पर्व के मद्देनजर लाई चूड़ा की दुकानें सज गई हैं। जबकि पतंग की दुकानों पर भी भीड़ होने लगी है। नगर के हनुमान घाट, मड़इयाघाट, बमघाट, सत्तीघाट, ढेकुलियाघाट और रामघाट ब्रह्मस्थान पोखरा, शीतला माता धाम स्थित पोखरा तथा नागा बाबा की कुटी सहित दोहरीघाट के सरयू तट पर श्रद्घालु डूबकी लगाएंगे। जिला मुख्यालय से 43 किमी दूर उत्तरी सीमा पर स्थित प्रसिद्घ ऐतिहासिक नगर दोहरीघाट पवित्र सरयू तट पर स्थित है। यहां से तीन किमी दक्षिण प्रसिद्घ संत नागा बाबा की कुटी आज भी लोगों के लिए आस्था का केंद्र बनी हुई है। पौराणिक में उल्लेख मिलता है कि पवित्र सरयू का अवतरण भागीरथी गंगा से हजारों वर्ष पूर्व हुआ था। मकर संक्रांति पर स्नान करने के लिए भारी तादाद में श्रद्घालु उमड़ते हैं। पर्व के मद्देनजर नगर के सहादतपुरा, रोडवेज, हट्ठीमदारी , मुुंशीपुरा, चौक, मिर्जाहादीपुरा सहित जिले के विभिन्न इलाकों में लाई चूरा तथा मिष्ठानों की दुकानें सज गई हैं। लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार लाई चूड़ा सहित अन्य सामानों की खरीदारी तेज कर दिए हैं। बहन बहू के यहां खिचड़ी भेजने का भी रिवाज है।