नगर क्षेत्र बकवल गांव स्थित पुलिस लाइन कैंपस के प्राथमिक विद्यालय पर आंगनबाडी सहायिका के भरोसे ?
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मऊ। नगर के 17 परिषदीय विद्यालय एकल शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था बेहतर न होने से चालू वर्ष में बच्चों के नामांकन मेें कमी आई है। इसके बावजूद शैक्षिक माहौल को बेहतर बनाने के प्रति ठोस कदम नहीं उठाए जा सके हैं। नगर में 32 प्राथमिक और 20 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। शिक्षा सत्र का आठवां माह बीतने को है, लेकिन विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती न होने से पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो 2018-19 में नगर के परिषदीय विद्यालयों में 3725 बच्चों का नामांकन किया गया था। जबकि 2019-20 में 3525 बच्चों का नामांकन हुआ है। नगरीय परिषदीय विद्यालयों मेें शिक्षकों की एक दशक से नियुक्ति प्रक्रिया बंद है। जिसकी वजह से शिक्षकों की संख्या में प्रतिवर्ष कमी होती जा रही है। हालत यह है कि प्राथमिक विद्यालय शिक्षा विभाग कालोनी, सहादतपुरा, मुुंशीपुरा कन्या विद्यालय, भदेसरा, इमिलिया, बख्तावरगंज, ताजोपुर, पुलिस लाइन, भीटी, भुजौटी, ख्वाजाजहांपुर, अस्तुपुरा, राज, हकीकतपुर, रस्तीपुर, जूनियर हाईस्कूल कंपोजिट स्कूल सुल्तानपुर सहित 17 परिषदीय विद्यालय एकल शिक्षकों के भरोसे हैं। ऐसे में शिक्षक के अवकाश लेने या विभागीय बैठकों में जाने की स्थिति में पठन पाठन पर असर पड़ता है। एकल चल रहे विद्यालय पर नजर डाला जाए तो आरटीई के तहत प्राइमरी में 30 बच्चों पर एक तथा उच्च प्राइमरी में 35 बच्चों पर एक शिक्षक सहित सभी विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों की तैनाती अनिवार्य की गई है। नियम के तहत 117 के सापेक्ष 65 शिक्षक ही कार्यरत हैं। यही हाल रहा तो कई विद्यालयों के बंद होने की नौबत आ सकती है।
कोट
शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शासन स्तर पर नगर के विद्यालयों में शिक्षकों के तैनाती की प्रक्रिया चल रही है।
अशोक गौतम, नगर शिक्षा अधिकारी