मऊ। जिले के राजकीय तथा सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में अब छात्रों को पठन-पाठन के साथ ही बेहतर माहौल भी मिलेगा। इनकी गुणवत्ता में सुधार एवं शैक्षिण गुणवत्ता का आकलन करने के लिए तहसील स्तरीय चार टीम बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम में तीन-तीन सदस्य (प्रधानाचार्य) शामिल होंगे। यह टीमें क्षेत्रों में निरीक्षण कर स्कू लों में पढ़ाई के अलावा नवाचार शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास के प्रयासों पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। इनके रिपोर्ट के आधार पर नोडल अधिकारी दो-दो विद्यालयों का निरीक्षण कर शैक्षिक स्तर का आकलन कर शासन को रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद विद्यालयों में सुधार की रणनीति तय की जाएगी। इसके अलावा मंडलस्तरीय क्वालिटी मानीटरिंग सेल का गठन भी किया गया है। इससे विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का विद्यालय से गायब रहना अब आसान नहीं होगा। इसके साथ ही राजकीय तथा सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की मनमानी भी नहीं चल पाएगी। उल्लेखनीय है कि जिले में 14 राजकीय तथा 67 सहायता प्राप्त विद्यालयों में लगभग 50 हजार छात्र अध्ययनरत हैं। शासन की तरफ से माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए कवायद तेज कर दी गई है। ऐसे में अब प्रदेश, मंडल तथा जनपदस्तर पर क्वालिटी सेल का गठन किया गया है। जनपदस्तर पर भी तहसीलवार चार टीम बनाई गई है। प्रत्येक टीम में तीन-तीन प्रधानाचार्यों को नामित किया गया है। प्रत्येक टीम 15 दिन में कम से कम एक राजकीय तथा एक सहायता प्राप्त विद्यालय का निरीक्षण करेगी। टीम द्वारा जिस विद्यालय का निरीक्षण किया जाएगा उस विद्यालय में पठन पाठन, विद्यालय में किए जा रहे नवाचारों एवं सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों को परखने के लिए दो से तीन घंटे समय देना होगा। यही नहीं नोडल अधिकारी को विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकों से पठन- पाठन, शैक्षिक तकनीक, शैक्षिक नियोजन तथा विभिन्न गतिविधियों के संबंध में विचार विमर्श करेंगे। साथ ही पठन- पाठन के संबंध में प्रभावी रणनीति बनाने के लिए सुझाव देंगे। निरीक्षण की रिपोर्ट महीने में दो बार जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपनी होगी। विशेषज्ञों के अनुसार राजकीय तथा माध्यमिक विद्यालयों में क्वालिटी मानीटरिंग सेल का गठन के बाद क्रियान्वयन सही ढंग से किया गया तो विद्यालयों में शैक्षिक माहौल बेहतर हो सकता है। राजकीय तथा सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में क्वालिटी मानीटरिंग सेल का गठन कर दिया गया है। नोडल अधिकारियों से निर्धारित फार्मेट पर रिपोर्ट देने का निर्देश दे दिया गया है। सभी टीमों की रिपोर्ट के आधार पर शैक्षिण गुणवत्ता सुधार के लिए निदेशालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी। - राजेंद्र प्रसाद, जिला विद्यालय निरीक्षक मऊ।