नगर भीटी स्थित तमसा नदी में माँ दुर्गा की प्रतिमा विसर्जित करते श्रद्घालु।
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मऊ। माता दुर्गा की पूजा के नौ दिवसीय पर्व नवरात्र के समाप्ति के साथ ही मंगलवार को दुर्गा पूजा समिति के नेतृत्व में दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन जुलूस व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के बीच नगर से निकाला गया। यह जुलूस भीटी स्थित तमसा तट पर जाकर समाप्त हुआ। इसमें शामिल भक्तों ने ढोल, नगाड़ों और भक्तिगीतों के धुन पर नृत्य किया। साथ ही नदी तट पर पहुंचकर गगनभेदी जयकारों के साथ प्रतिमाओं को विसर्जित किया। उधर ग्रामीण इलाकों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं को भी गगनभेदी जयकारों के साथ विसर्जित किया गया। फूलमालाओं से सजे रथों पर रखी प्रतिमाओं के जुलूस को देखने के लिए भक्तों का मजमा लगा रहा। मां दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन की परंपरा हर बार की तरह इस बार भी बखूबी निभाई गई। परंपरा के मुताबिक विजयादशमी के मौके पर प्रतिमाओं को पूजा स्थलों से हटाकर उन्हें फूलमालाओं से सजे रथों पर रखकर उन्हें शीतला माता धाम ले जाया गया। जहां रावण वध लीला के बाद पहुंचे भगवान श्रीराम, मां सीता और लक्ष्मण के अलावा वानरी सेना के साथ दुर्गा प्रतिमाओं का दर्शन किया। साथ ही प्रतिमाओं के जुलूस को रवाना किया। दुर्गा पूजा समिति के नेतृत्व में निकले जुूलस में कुल 51 प्रतिमाएं शामिल थी। प्रतिमाओं का जुलूस बाईपास रोडवेज होते हुए मिर्जाहादीपुरा, औरंगाबाद, बल्लीपुरा, संस्कृत पाठशाला, राजपुताना, घास बाजार, गोला बाजार, सदर चौक, रौजा बाजार, सिंधी कालोनी, बाल निकेतन मोड़, अंधा मोड़ और भीटी होते हुए तमसा तट पर जाकर समाप्त हो गया। जुलूस के मार्ग पर हर ओर पीएसी तथा गैर जनपदों से आए जवानों की मुस्तैदी का जायजा लेने के लिए जिले के आला अधिकारी भी चक्रमण करते नजर आए।