नगर के खीरीबाग स्थित मदरसा हन्फिया अहलेसुन्नत बहरुल उलूम में हजरत मौलाना सनाउल्लाह अमजदी के सला
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मऊ। हजरत मौलाना सनाउल्लाह साहब अमजदी का नाम मोहद्दिसों की पंक्ति में सबसे ऊपर है। अमजदी अशरफिया विश्वविद्यालय मुबारकपुर व मदरसा मंजरेहक टांडा तथा बरेली शरीफ के शिक्षण संस्थान में मोहद्दिस के पद पर रहे। उनके शिष्य पूरी दुनिया में आज भी उनके विचारों को प्रचारित कर रहे हैं। उक्त विचार मदरसा बहरुल उलूम के नायब नाजिम हबीबुल्लाह टांडवी ने व्यक्त किए। वह वे खीरी बाग स्थित मदरसे में मोहद्दिस सनाउल्लाह के सालाना उर्स पर आयोजित दस्तारबंदी व सम्मान समारोह में बोल रहे थे। कार्यक्रम की शुरुआत कुरान की तिलावत से की गई। तत्पश्चात शीतला माता धाम समिति के अध्यक्ष पारसनाथ गुप्ता, देवेंद्र मोहन सिंह, अब्दुल फैजी, व्यापारी कन्हैया लाल जायसवाल, रामगोपाल गुप्ता, यातायात प्रभारी श्रीप्रकाश शुक्ल, कमलेश महाराज, इरफान अहमद को सना अवार्ड 2019 से सम्मानित किया गया। इस दौरान हजरत अल्लामा अब्दुल मोबिन नोमानी, हजरत मौलाना मुहम्मद फारुक ने इस्लाम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सबसे पहले हम सभी इंसान बनें। उसके बाद मुसलमान बनें। इस अवसर पर तुफैल शमसी गाजीपुरी, असहर मुबारकपुरी ने नात पढ़कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत मेें हजरत मौलाना इरफान साहब द्वारा लिखित गुस्ताखे रसूल का विमोचन हाफिजे मिल्लत शहजादा अब्दुल हफीजसरवरा-ए आला ने किया। इस अवसर पर सुभाष कन्नौजिया, सुनील यादव, श्यामसुंदर, हाजी इफ्तेखार, खुुर्शीद अहमद आदि शामिल रहे।