मऊ। जिला मुख्यालय पर मौजूद सरकारी के साथ सार्वजनिक जमींनो पर अवैध तरीके से अतिक्रमण करने के मामले में सख्त हुआ प्रशासन कार्रवाई करने में जुटा है। इसक्रम में दो माह के अंदर जिला प्रशासन के आदेश और एसडीएम सदर के प्रयास से सरकारी और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कब्जा के तीन मामले में प्रकाश में आए, इस दौरान तीनों मामले की अलग अलग थानों में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। तीनों मामले में नामजद 98 लोगों पर और शिकंजा कसने की तैयारी में प्रशासन जुटा है।
बताते चले पहला मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के गाजीपुर तिराहे पर मौजूद औद्योगिक स्थान और आईटीआई की जमीन पर अवैध कब्जा करने का सामने आया। मामला संज्ञान में आने पर डीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने एसडीएम सदर अतुल वत्स को जांच करने का आदेश जारी किया। जांच के दौरान संज्ञान में आया कि आईटीआई के लिए अधिग्रहित की गई, जमीन का मुआवजा लेने के बाद भू माफिया उसे अभिलेखों में हेराफेरी कर अपने कब्जे में ले लिए। साथ ही साथ उस नंबर पर खुद का आवास आदि बना लिए। इस मामले में दो लेखपालों के साथ-साथ ईशा सहित 27 के विरुद्घ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस मामले की जांच चल ही रही थी, कि दूसरा मामला स्वदेशी काटन मिल के पास मौजूद शिक्षा विभाग की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला संज्ञान में आया। जांच और नापी करने के बाद इस मामले में डाक्टर, शिक्षक, व्यवसाई के साथ 11 लोगों के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद दक्षिण टोला थाने के जहागीराबाद मुहल्ले में मौजूद जमीन पर कब्जा का मामले में मुख्तार के करीबी गणेश दत्त मिश्र सहित 60 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। तहसीलदार सदर ओमप्रकाश पांडेय की मानें तो नामजद किए गए सभी का नाम शासन से जारी भू माफिया के पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया है। इसके बाद भू माफिया के विरुद्घ शासन से निर्गत आदेश के तहत अग्रिम कार्रवाई करने का आदेश पुलिस को जारी किया गया। बात करने पर डीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि विवेचना के दौरान असली माफिया को चिन्ह्ति कर उसके विरुद्घ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसका गैंगेस्टर, गुंडा एक्ट में चालान करने के साथ-साथ उसकी संपत्ति को भी सीज करने की कवायद की जाएगी।