मऊ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुकेश मिश्रा ने मां की हत्या के मामले में आरोपी बेटे को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर दोषी को एक साल की और सजा भुगतनी पड़ेगी। मामला कोतवाली घोसी क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, कोतवाली घोसी क्षेत्र के लाखीपुर गांव निवासी वादी मुकदमा बल्देव पुत्र बालचंद राम की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि 29 मई 2018 को उसका छोटा भाई प्रेम सागर उर्फ झीरू घर का दरवाजा तोड़ रहा था। जिस पर उसकी मां परमी देवी ने मना किया तो प्रेम सागर ने फावड़ा से मां के सिर पर प्रहार कर दिया जिससे उनका सर फट गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए डीजीसी फौजदारी राजेश कुमार सिंह राज और एडीजीसी फौजदारी मणिबहादुर सिंह ने आठ गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा । बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। जिला जज ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी प्रेम सागर उर्फ झीरू पुत्र बालचंद को हत्या का दोषी पाते हुए उसे आजीवन कारवास की सजा सुनाते हुए 20 हजार का अर्थदंड भी लगाया। मुकदमें में फैसले के दौरान अदालत में लोगों की भीड़ लगी रही।