मऊ। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट आदिल आफताब अहमद ने नाबालिग के साथ दुराचार करने और धमकी देने के मामले में नामजद आरोपी को दोषी पाते हुए आठ वर्ष का सश्रम कारावास की सजा के साथ ही कुल पांच हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वही अर्थदंड जमा हो जाने पर 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया। मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा की 11 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ 17 मई 2016 की दोपहर में आरोपी ने चाकू से डरा धमका कर दुराचार किया। पुलिस ने बादी की तहरीर के आधार पर मिर्जाहादीपुरा निवासी मजहर पुत्र ज्याउद्दीन के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोपपत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी अजय कुमार सिंह ने कुल पांच गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी मजहर को नाबालिग के साथ दुराचार करने और धमकी देने का दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद नाबालिग के साथ दुराचार करने के मामले में आठ वर्ष का सश्रम कारावास की सजा के साथ ही चार हजार रुपया अर्थदंड तथा धमकी देने के मामले में एक वर्ष की सजा के साथ ही एक हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वही अर्थदंड जमा हो जाने पर 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया।