देवलास स्थित सूर्य मंदिर के पोखरे पर छठ पर्व पर रविवार की सुबह उमड़ी भीड।
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मऊ। मुहम्मदाबाद गोहना तहसील क्षेत्र के धार्मिक स्थल देवलास स्थित पौराणिक स्थल पर धार्मिक मेला शुरू हो गया है। देवलास पर भगवान की अलग-अलग मूर्तियां स्थापित हैं। सूर्य मंदिर स्थित पवित्र सरोवर के जल को गंगा जल की तरह सहेज कर रखा जाता है। मान्यता है कि छठ पर्व के दिन सूर्य मंदिर सहित अन्य देवालयों में स्वर्ग लोक से देवता उतरते हैं। सरोवर में स्नान करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। इसी मान्यता के तहत डाला छठ के अवसर पर हजारों महिलाओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर उगते सूर्य को अर्घ्यदान दिया। प्राचीन तथा पौराणिक देवलास स्थल पर सूर्य मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, शंकर मंदिर, संतगणिनाथ मंदिर,हनुमान मंदिर, संत रविदास का मंदिर सूघर दास का मठ सहित 16से अधिक मंदिरों की स्थापना कराई गई है। बताया जाता है कि भगवान राम अपने गुरु विश्वामित्र जी के साथ ताड़का वध करने के लिए बक्सर जाते समय सूर्य देवता की उपासना करने के लिए रात्रि में विश्राम किया था और इसके साथ ही वहां पर स्नान कर सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया था। इसलिए माना जाता है कि इस सरोवर मेें स्नान कर लेने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। गंगा जल की तरह सरोवर के जल को लोग अपने घरों में रखते हैं। साथ ही यहां पूजा- अर्चन करने पर सभी मनोकामना पूरी हो जाती है। इसी मान्यता के तहत हजारों महिलाओं ने पौराणिक स्थल पर छठ पर्व पर विधि विधान से पूजा- अर्चन कर देवलास मंदिर के तट पर भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। अर्घ्य देने से पूर्व व्रती महिलाओं ने पवित्र सरोवर में स्नान किया। अर्घ्यदान करने के बाद व्रती महिलाओं ने सभी देवालयों में दर्शन-पूजन कर भगवान से मन्नतें मांगी। यहां पर एक हफ्ते तक लगने वाला मेले के चलते भारी गहमागहमी रही। यहां पर विभिन्न सामानों की दुकानें सज गई हैं। जो करीब एक सप्ताह तक रहेगा। इस दौरान बच्चों और महिलाओं ने खूब खरीदारी की।