घटनास्थल पर मौजूद आस पास के लोग
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इस हमले में हरीकेश गंभीर रूप से घायल हो गया, हरीकेश के परिवार के दूसरे सदस्य तथा ग्रामीणों को आता देखकर आरोपी भाग निकले। वहीं घटना के बाद परिजन घायल को लेकर दोहरीघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।गांव में हत्या की जानकारी मिलने पर एसरी अविनाश पांडेय, एएसपी महेश सिंह अत्री, घोसी सीओ उमाशंकर उत्तम और दोहरीघाट एसओ राजकुमार सिंह मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। घटना के संबंध में पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ में जुटी है।
बीस साल पुराना है विवाद
मऊ।घटना के बाद लोग आपस में बात चीत करते रहे कि दो दशक पुराना विवाद आज खूनी संघर्ष में बदल गया। दबी जुबान में लोगों ने बताया कि बीस साल पहले विवादित जमीन को मृतक के पिता देवशरण द्वारा 30 हजार रपये में विजई सिंह से मौखिक तौर पर खरीदा गया है, लेकिन लिखापढ़ी न होने से यह मामला विवादित हो गया। जमीन को कब्जा को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी कई बार हो चुकी है। वहीं घटना से मृतक की पत्नी जानकी देवी और बेटे धनज्जय, मृत्युंजय, अनंदजय, कृत्युजंय और बेटी सुष्मिता का रो रोकर बुरा हाल था।