मुहम्मदाबाद गोहना। तहसील के नगर पंचायत वलीदपुर में सोमवार की सुबह हुई सिलिंडर रिसाव के बाद विस्फोट की घटना में मारे गए 10 लोगों की देर शाम एक साथ सजी तो लोगों का कलेजा दहल उठा। शवों को देखने के लिए मौके पर भारी भीड़ जमा थी। श्मशान में मौजूद लोगों की आंखों से अश्रुधारा बहने लगी।उधर, मुसलिम परिवार के तीन मृतकों के शवों को कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए -खाक किया गया।
इसके पूर्व में ग्राम प्रधान संजय गुप्ता, स्वतंत्र गुप्ता, श्यामसुंदर गुप्ता ,लक्ष्मी गुप्ता, चेयरमैन प्रतिनिधि मोहम्मद अली आदि की देखरेख में घटना में मारी गई सिंपी, सरिता, सुजीत, सुनीता, शिवम, सुरेंद्र, निधि ,अभिषेक, अंशु, मुरारी आदि की चिता एक साथ सजाई गई तो लोगों के आंखों से बरबस आंसुओं की धारा बह निकली थी।
बताते चलें वलीदपुर निवासी स्वर्गीय छोटू विश्वकर्मा के घर में सोमवार को सुबह चाय बनाने के दौरान सिलिंडर में लगी। आग से विस्फोट की घटना हुई। इस हादसे में स्व. छोटू के साथ उसके पट्टीदार कन्हैया विश्वकर्मा, संजय, शैलेश और प्रमोद का मकान जमींदोज हो गया। परिणामस्वरुप बचाव के लिए मकान के अंदर गए और दरवाजे पर मौजूद लोग मलबे में दबकर मर गए। बड़ी घटना के चलते प्रशासन ने प्रयास कर देर शाम तक मरने वालों के शवों का अंतिम संस्कार करवा दिया। देर शाम पीएम के बाद सभी शव वलीदपुर पहुंचा, यहां मरने वालों की चिता जब एक साथ सजी तो देखकर सभी के आंखों से बरबस आंसू बहने लगें। इस दौरान मरने वालों के परिवारीजन शवों से लिपटकर दहाड़े मार रहे थे। रात को दस बजे के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान ले जाया गया। जहां सभी की चिता एक साथ सजाई गई और आग भी एक साथ लगाई गई। इस दौरान मरने वाले दस हिंदू मृतकों के शवों का अंतिम संस्कार तमसा तट पर किया गया। इस दौरान हादसे में मृत जीशान, यासिर और इम्तियाज को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया। इस दरम्यान पूरे वलीदपुर नगर पंचायत में मातम का माहौल रहा।