विकासखंड कोपागंज की मुस्कुरा ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान ने मनरेगा से होने वाले कई काम जेसीबी से पक्की नाली तोड़वाकर चकमार्ग बनवाने। पोखरी को भी मनरेगा मजदूरों की बजाय जेसीबी लगाकर कराने और नाली तोड़ने, ड्रेन को पाटने और मनरेगा मजदूरों से काम नहीं कराने के बाद भी उसका भुगतान कराने पर ग्रामीणों ने शिकायत किया था। इस पर अमर उजाला ने बीते एक दिसंबर को सरकारी ट्यूबवेल की पक्की नाली पाटकर बनवाया चकमार्ग, ग्रामीण परेशान नामक शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया था। खबर प्रकाशन के आठवें दिन बाद सोमवार को लोकपाल विनिता पांडेय मुस्कुरा गांव पहुंची।
उन्होने गांव में बैठक कर ग्रामीणों की सभी शिकायत को गंभीरता से सुना और गांव में जहां पर भी मनरेगा से काम कराए गए थे, उसका स्थलीय निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने बताया कि सरकारी नाली तोड़ देने से फसलों की सिंचाई करने में परेशानी होती है। वही दूसरी तरफ ड्रेन पाट दिए जाने के कारण खेतों में बारिश का पानी जमा हो रहा है, जिससे धान की फसल बर्बाद हो गई और गेहूं की बुवाई बाधित है। ग्रामीण हरिहर यादव, कुशहर, जीउत, सुभाष, गोवर्धन, हरिश्चंद्र, वीरेंद्र, रामू ने बताया कि सरकारी ट्यूबवेल की पक्की नाली तोड़कर वहां पर कच्चा रास्ता बनाया गया है। कहा कि चकमार्ग का काम मनरेगा से नहीं बल्कि जेसीबी से कराया गया है।
कार्य में कन्हैया के ट्यूबवेल तक होने वाले कार्य में एक लाख 82 हजार 24 रुपये एवं किशोर के ट्यूबवेल से होने वाले कार्य में करीब 1 लाख 26 हजार 72 रुपये का खर्च दिखाया गया। इस दौरान लोकपाल ने गांव में पोखरी की खोदाई जेसीबी से कराए जाने संबंधी वीडियो भी देखा। पोखरी का निरीक्षण करने के बाद लोकपाल ने नहर और ड्रेन के काम को भी देखा। करीब दो घंटे से अधिक समय तक लोकपाल गांव में मौजूद थी। शिकायत पर गांव में मनरेगा से होने वाले की जांच किया गया है। मनरेगा मजदूरों का बयान भी लिया गया। होने वाले काम का मास्टर रोल से मिलान करने के बाद वीडियो की भी जांच किया जाएगा। सही पाए जाने पर रिकवरी कराने के साथ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।