बोर्ड परीक्षा में प्रतिदिन किसी ने किसी केंद्र पर नकल पकड़े जाने के
बावजूद प्रशासन कड़ाई नहीं कर पा रहा। परीक्षा के सातवें दिन भी दर्जनों
परीक्षा केंद्रों पर बोलकर प्रश्न हल कराने की शिकायत आई।
जिलाधिकारी
चंद्रकांत पांडेय ने पहली तथा दूसरी पाली मेें कई परीक्षा केंद्रों का
जायजा लिया। दो परीक्षा केंद्रों पर सामूहिक नकल पकड़ी, दोनों की परीक्षा
निरस्त करने का निर्देश दिया।
दो कक्ष निरीक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
करने सहित अगले वर्ष के लिए डिबार करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने
यूपी बोर्ड परीक्षा की द्वितीय पाली मेें इंटरमीडिएट भौतिक विज्ञान की
परीक्षाओं में विद्यालयों का निरीक्षण किया।
वह सबसे पहले रामनगीना सिंह
उमा विद्यालय डंगौली के कक्ष संख्या चार में पहुंचे। इसमें परीक्षा दे रहेे
20 परीक्षार्थियाें की कापी चेक हुई, जिसमें पाया गया कि प्रश्न संख्या
चार और सात बोलकर लिखवाया गया।
ऐसे में उक्त कमरे की परीक्षा निरस्त कराकर
जिला मुख्यालय पर इस विषय का पुन: परीक्षा कराने का निर्देश दिया। कक्ष
निरीक्षक रानी सिंह और आनंद कुमार के पर एफआईआर कराने का निर्देश दिया।
इसके बाद राजदेव सिंह इंटर कालेज अल्लीपुर का निरीक्षण किया । स्टेटिक
मजिस्ट्रेट जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को परीक्षा संपन्न कराकर कापी
सील करा मुख्यालय भिजवाने का निर्देश दिया।
आदर्श बालिका इंटर कालेज
कोइरियापार का निरीक्षण किया। वहां सेक्टर मजिस्ट्रेट को बैठाकर पूरी
परीक्षा कराने का निर्देश दिया। कृष्णदेव इंटर कालेज कोइरियापार का
निरीक्षण किया।
रतनपुरा संवाददाता के अनुसार डीएम ने बोर्ड परीक्षा में
हाईस्कूल गणित की परीक्षाओं मेें कई विद्यालयों का निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने देवदीप इंटर कालेज हलधरपुर का निरीक्षण किया।
इसके पख्चात
सिंहनाथ नेहरू इंटर कालेज सिधवल का निरीक्षण किया। वहां पर संसाधनों की
काफी कमी मिली। टीन शेड में ईंट के एक बेंच पर बैठकर बच्चे परीक्षा देते
मिले।
जिलाधिकारी ने इसको अगले वर्ष परीक्षा केंद्र न बनाने का निर्देश
दिया। वहां सेक्टर मजिस्ट्रेट को परीक्षा कराने का निर्देश दिया। इसके
पश्चात दयानंद इंटर कालेज इटैली का निरीक्षण किया गया।
इस परीक्षा केंद्र
में लड़कियां कक्ष संख्या 12 में जमीन पर बैठकर परीक्षा देतीं मिलीं। सभी
के उत्तर भी मेल खा रहे थे। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए
कक्ष
निरीक्षक हरिशंकर यादव, प्राथमिक शिक्षक विनीता यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज
कराने के साथ ही अगले वर्ष की परीक्षा के लिए डिबार करने का निर्देश जिला
विद्यालय निरीक्षक को दिया।