मऊ। नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में रविवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुन्यतिथि मनाई गई। सरकारी दफ्तरों में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। अधिकारियों, कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धासुमन अर्पित किया। महात्मा गांधी के शहादत दिवस के अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट त्रिभुवन के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। इसी क्रम में विकास भवन के सभागार में मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा के नेतृत्व में अधिकारियों, कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धासुमन अर्पित किया।
घोसी संवाददाता के अनुसार सरकारी करण आंदोलन मंच एवं भारतीय जनतांत्रिक मोर्चा के तत्वावधान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी की शहादत पर फासीवाद के विरोध में न्याय,शांति सद्भाव एवं कौमी एकता कायम रखने के लिए जिले के एकमात्र गांधी जी की प्रतिमा घोसी मझवारा मोड़ पर प्रतिकार एवं उपवास कार्यक्रम मनाया गया। गांधीजी की शहादत पर चर्चा करते हुए लवकुश ने कहा कि मूर्तियां तोड़ने से ना तो गांधी पुन: मर सकते है, न गोली मारने से गांधीजी मर सकते हैं गांधी जी के विचार अमन शांति एकता की एक विचारधारा है जो सदैव कायम रहेगी।
भारतीय सामुदायिक कार्यकर्ता मंच के अरविंद मूर्ति ने कहा कि गांधीजी की सोच हाशिए के लोगों के पक्ष में थी। जिसे उत्पादन के साधनों का सरकारी करण द्वारा पूरा किया जा सकता है। गांधीजी मानते थे कि गरीबी अभिशाप नहीं मानवरचित षड़यत्र है।उसे संसाधनों के सम्यक बंटवारे से खत्म किया जा सकता है। इसी क्रम में सरकारी करण आंदोलन मंच के मरछूराम प्रजापति ने कहा कि गांधीजी की आम आदमी के प्रति सोच की विचारधारा को खत्म करने के लिए फासीवादी विचारधारा के एक व्यक्ति ने मार डाला। मारने वाले अपनी सामाजिक,धार्मिक आर्थिक एकाधिकार वाली तानाशाही कायम करना चाहता है जिसे सरकारी करण अभियान द्वारा फासीवादी विचारधारा को रोका जा सकता है।इस अवसर पर पुष्पा शर्मा, फखरे आलम, देवभूषण ठाकुर, बृकेश यादव, त्रिभुवन शर्मा, आफताब, मूलचंद्र चौहान, नीतिश कुमार, अखिलेश कुमार, घरहू चौहान आदि उपस्थित रहे।