रतनपुरा ब्लाक के अधिकांश ग्राम पंचायतों के खाते से धन गबन का खुलासा होने के बाद जांच तेज हो गई है। मुख्य विकास अधिकारी ने जिला पंचायतराज अधिकारी से ग्राम पंचायतों के खातों से निकाले गए धन की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने पर कई बीडीओ ओर ब्लाक कर्मियों पर गाज गिर सकती है।
आश्चर्यजनक स्थिति यह है कि नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों के शपथ लेने से पूर्व जिला प्रशासन की ओर से सभी ब्लाकों के ग्राम पंचायतों के खातों से निकाले गए धन का ब्यौरा देने का फरमान जारी किया गया था। जिले के मात्र दो ब्लाकों से ही रिपोर्ट भेजी गई। जांच पड़ताल में कई ब्लाकों के खंड विकास अधिकारियों सहित ब्लाककर्मियों पर पर भी तलवार लटक सकती है।
जिले में 684 ग्राम पंचायतें हैं। पंचायती चुनाव के समय जिले के सभी ब्लाकों में एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त किया गया था। नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों के शपथ लेने से पूर्व ही जिला प्रशासन की ओर से विकास कार्यो के क्त्रस्म में ग्राम पंचायतों के खाते से धन निकाले जाने का ब्यौरा सभी खंड विकास अधिकारियों से मांगा था।
लेकिन अभी तक घोसी, बड़रांव ब्लाक ग्राम पंचायतों के खाते से एक भी पैसा न निकाले जाने की रिपोर्ट भेजी गई। शेष ब्लाकों से रिपोर्ट भेजने की जहमत ही नहीं उठाई गई। इसी बीच रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के खातों से लाखों रुपया निकाल लिए जाने को लेकर 60 से अधिक ग्राम प्रधानों ने गत 31 दिसंबर को रतनपुरा ब्लाक मुख्यालय पर हंगामा किया था।
प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर मामला शांत हुआ था।गबन के मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने जिला पंचायतराज अधिकारी से खातों से निकाले गए धन का विस्तृत ब्यौरा दो दिन के अंदर मांगा है।
सीडीओ के आदेश के क्त्रस्म में डीपीआरओ द्वारा ब्लाक के खंड विकास अधिकारियों को जारी किए गए पत्र में मात्र दो बड़रांव, घोसी से रिपोर्ट मिलने का जिक्त्रस् किया गया है। सभी ग्राम पंचायतों के खाते का डिटेल आने के बाद कई ब्लाक के खंड विकास अधिकारियों, एडीओ पंचायत सहित विभागीयकर्मियों पर गाज गिर सकती है।
उधर रतनपुरा ब्लाक के कई सेक्त्रस्ेटरी मामले को रफा दफा करने में जुट गए हैं। ग्राम पंचायतों के खातों की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
इस बाबत मुख्य विकास अधिकारी गिरिजेश कुमार त्यागी का कहना है कि रतनपुरा ब्लाक के ग्राम पंचायतों के खातों से धन निकाले जाने का मामला संज्ञान में आया है। डीपीआरओ से खातों से निकाले जाने की दो दिन के अंदर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। जांच में मिले दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।