समूहन कला संस्थान की ओर से समूहन राष्ट्रीय भ्राम्यमान नाट्य समारोह की प्रथम संध्या में सुदूर उत्तर पूर्व गौहाटी से आई संस्था सीगल द्वारा फाइव टंस आफ लव का मंचन किया गया। समारोह का शुभारंभ डा. एसएन खत्री ने दीप जलाकर किया।
1896 में अंतोन चेखव द्वारा लिखित यह नाटक एक सीगल की मौत पर आधारित सच्ची घटना है। दुनिया भर में मशहूर इस नाटक में चेखव साहित्य में में एक नई विधा का सूत्रपात करते हैं। इस नाटक में चेखव प्लाट से ज्यादा चरित्र को अहमियत देते हैं। मरती हुई सीगल उपजे खालीपन का प्रतीक है और तनाव जीवन का सौंदर्य।
लेखक ने सीगल नाटक में मानवीय प्रवृत्ति के उस पक्ष को उजागर किया है जिसमें मनुष्य आसानी से प्राप्त प्यार को ठुकरा देता है। किंतु उसको जो आसानी से नहीं मिलता उसको तलाश करता है।
चरित्रों के बहुआयामी व्यक्तित्वों का खुुलासा है यह नाटक। नाटक चार भागों में बंटा हुआ है। प्रथम भाग अर्केडिना और उसके बेटे ट्रेपलेप के बीच के रिश्तों के इर्द, गिर्द बुना गया है। दूसरे भाग में आर्केडिना के प्रेमी ट्रिगोरिन का प्रवेश होता है।
तीसरे भाग में त्रिकोणीय प्रेम का संघर्ष और भावनात्मक उद्वेग है। चौथा भाग दो साल बाद की घटना का वर्णन है। नाटक में निर्देशक बहारुल इस्लाम व भागीरथी ने सशक्त निर्देशन के साथ-साथ अपनी ट्रिगोरिन और आर्केडिना की भूमिका से अभिनय का लोहा मनवाया। माशा की भूमिका में बरखा बहार, नीना की भूमिका में आइरिन और साथ में जिया बहार, प्रनव राजखोवा, योगीराज चक्रवर्ती, पार्थ बरदोलई, मेघाली कलिता, इंद्रजीत, धु्व ज्योति का अभिनय सराहनीय रहा। संस्था के निदेशक राजकुमार शाह ने पूर्व पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल, भवानी शंकर ठरड, डा. एसएन खत्री, कंचन तिवारी, पंकज कूपर, नंद किशोर का स्वागत किया।