जिलास्तरीय अधिकारियों द्वारा दो-दो गांव को गोद लेकर गांव को कुपोषण से बचाने के लिए लोगों को जागरूक करना, टीकाकरण व दवाओं, पोषाहार का वितरण कराना है। इसी के तहत जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बुधवार को कुपोषण से मुक्ति के लिए कुपोषण मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर अपने कैंप कार्यालय से रवाना किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि कुपोषण का सबसे बड़ा कारण अज्ञानता है। घोसी संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के खत्रीपार गांव में जिलाधिकारी ने चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं। गांव में 18 बच्चे कुपोषित और सात बच्चे अति कुपोषित मिले। इन सभी बच्चों का जिलाधिकारी द्वारा वजन कराया गया। इनका ग्रोथ चार्ट बनाने के निर्देश दिए। सात अति कुपोषित बच्चों के माता पिता को चिकित्सकों द्वारा काउंसिलिंग की गई। पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकार गिरिजेश कुमार त्यागी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नंदलाल यादव आदि मौजूद रहे।