जिला जेल में निरुद्ध कैदियों के परिजनों को मुलाकात के लिए घंटों लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। कारागार में निरुद्ध बंदियों के परिजन मुलाकात के लिए अब घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। मुलाकात के लिए परिजनों को क्यूआर कोड स्कैन कर पंजीकरण कराना होगा। मुलाकात अनुमन्य होने के बाद बुकिंग पंजीकृत हो जाएगी। तय समय पर परिजन जेल पहुंचकर बिना लंबा इंतजार किए बंदियों से आसानी के साथ मुलाकात कर सकेंगे। जबकि बिना ऑनलाइन पंजीकरण मुलाकात के लिए आने वाले लोगों को पहले की व्यवस्था की तरह लाइन लगाकर मुलाकात करनी होगी।
जिला कारागार में वर्तमान समय में 1118 बंदी निरुद्ध हैं। कारागार में निरुद्ध बंदियों से उनके परिजनों से मुलाकात को लेकर जिला कारागार प्रशासन की तरफ से नई ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की गई है। नई व्यवस्था के तहत अब बंदियों के परिजनों को उनसे मुलाकात के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। कारागार प्रशासन द्वारा मुलाकात की सुविधा को शत-प्रतिशत ऑनलाइन तरीके से पंजीकृत किया जा रहा है। जेल में औसतन बंदियों से मुलाकात के लिए रोजाना 100 से 150 के बीच लोग आते हैं। इसके लिए सुबह आठ बजे से मुलाकात के लिए पर्ची लगाने के बाद घंटों लाइन में लगना पड़ता है और आईडी प्रूफ आदि दिखाने होते हैं। लेकिन, अब इस व्यवस्था से राहत मिलेगी।
बंदियों से मुलाकात करने के लिए सरलता से ऑनलाइन पंजीकरण किया जाएगा। पंजीकरण होते ही एक रेफरेंस नंबर प्राप्त होगा। मुलाकात के दिन कारागार में नंबर दिखाने के बाद मुलाकात हो जाएगी। जिला कारागार ऑनलाइन आवेदन के लिए क्यूआर कोड करना होगा। स्कैन करने पर सामने न्यू विजिट रजिस्ट्रेशन की विंडो खुलेगी। उस पर क्लिक करना होगा। क्लिक करने पर सामने दो प्रारूप खुलेंगे। इसमें पहले प्रारूप में मुलाकाती का विवरण और दूसरे प्रारूप में बंदी की सूचना भरनी होगी, जिससे मुलाकात की जानी है। दोनों प्रारूप भर जाने पर सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद मोबाइल नंबर या फिर ई-मेल पर ओटीपी आएगा। उसे भरने के बाद ओके पर क्लिक करते हुए बुकिंग नंबर प्राप्त हो जाएगा। बुकिंग नंबर मोबाइल और ई- मेल पर आएगा। मुलाकात अनुमन्य होने पर बुक हो जाएगी। अनुमन्य न होने पर बुकिंग स्वीकार नहीं होगी। मुलाकात के लिए प्राप्त बुकिंग नंबर को लेकर कारागार आना होगा। जेल के मुलाकात पंजीकरण काउंटर पर अपने पहचान-पत्र की छायाप्रति के साथ उपस्थित होने पर परिजन/मुलाकाती की फोटो ई-प्रिजन पोर्टल पर अपडेट कर दी जाएगी।
सभी प्रक्रिया के बाद कारागार के मुलाकात प्रभारी द्वारा मुलाकात कराई जाएगी। अब बंदियों के परिजन घर से ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर मुलाकात के लिए नंबर प्राप्त कर सकेंगे। इस प्रक्रिया से मुलाकात में काउंटर पर लगने वाला पर्ची शुल्क भी नहीं देना पड़ेगा। वहीं एक बार में विचाराधीन बंदी से तीन व्यक्ति ही मिल सकते हैं। इसके लिए उन्हें मूल परिचय पत्र व विजिटर पास लाना होगा।
अब ऑनलाइन मुलाकात की बुकिंग कराने के बाद मुलाकात का समय निर्धारित हो जाएगा। उस समय आकर जरूरी प्रक्रिया पूरी कर बिना लाइन लगाए लोग ही बंदियों से मुलाकात कर सकेंगे। इसको लेकर जागरूक किया जाएगा।-आनंद कुमार शुक्ला, जेल अधीक्षक मऊ