दो विद्युत उपकेंद्रों की मुख्य लाइन में खराबी आने से 88 गावों में अंधेरा छाया रहा। शिकायत के बावजूद विभागीय अधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया है। ऐसे में जहां लोगों को पेयजलापूर्ति के लिए परेशान होना पड़ रहा तो वहीं बिजली आधारित उद्योग धंधों पर भी प्रभाव पड़ा।
पिपरीडीह : विद्युत उपकेंद्र कोटवां से जुड़े क्षेत्र के कहिनौर, महलीपुर, खरगजेपुर, रैकवारडीह, उस्मानपुर, सुअरा बोझ सहित 18 गांवों में मंगलवार सुबह मेन लाइन में आई तकनीकी खामी के चलते बिजली गुल हो गई। दूसरे दिन भी बिजली गुल रहने से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है।
मंगलवार से बिजली गुल रहने से लोग चैन से सो नहीं पाए। बुधवार को अपराह्न तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी थी। गर्मी व उमस से एक-एक पल बिताना मुश्किल हो रहा है। शिकायत के बाद भी सुनवाई न होने से लोग आंदालित हैं। क्षेत्र के रामअवध यादव, भगवान सिंह, मुन्न्ना शर्मा, जयनारायण प्रसाद का कहना था कि आए दिन तकनीकी खामी आने से परेशानी हो रही है।
विद्युत उपकेंद्र में नई मशीनें व उपकरण लगाया जाए। समस्या का अविलंब समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे।एसडीओ अमित कुमार गुप्ता का कहना है कि काम चल रहा है। शीघ्र ही विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
रानीपुर : ब्लाक मुख्यालय स्थित 33/11 विद्युत उपकेंद्र में गड़बड़ी के चलते पिछले 24 घंटे से क्षेत्र के 70 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप रही। इसके चलते चार फीडरों से संबद्ध 70 गावों में अंधेरा पसरा रहा। मंगलवार की शाम तीन बजे से ही बढ़ुआ गोदाम से आने वाली मेनलाइन में फाल्ट हो जाने के कारण यह स्थिति रही।
रात भर बिजली गुल रहने के से गर्मी और ऊसम से लोग बेहाल रहे। जबकि पेयजलापूर्ति भी बाधित रहने से लोगों को परेशनी का सामना करना पड़ा। बिजली आधारित कुटीर उद्योग भी प्रभावित हुआ है। रातभर बिजली के इंतजार में लोगों ने रात गुजारी।
बुधवार की सुबह बिजली न रहने के कारण लोगो दैनिक जरूरतों के लिए पानी तक नहीं मिल सका। लोग विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों को कोसते नजर आए। लगभग 24 घंटे बाद खराबी को ठीक किया जा सका और तब जाकर बुधवार की दोपहर बाद आपूर्ति बहाल होसकी। एसडीओ जितेंद्र कुमार ने बताया कि मेन लाइन में फाल्ट आने से आपूर्ति बाधित हो गई थी।