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प्रस्तावक की हस्ताक्षर न होने से खारिज किया गया पर्चा

Fri, 02 Oct 2015 11:17 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
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जिला पंचायत क्षेत्र रैकवारेडीह वार्ड नंबर से 33 से दो प्रत्याशियों का पर्चा खारिज होने के बाद पुलिस-पब्लिक के बीच हुए खूनी संघर्ष से कई सवाल खड़े हो गए हैं।
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नामांकन करने वाले प्रत्याशी अलग-अलग फ्रंटल संगठनों के प्रदेश सचिव हैं। अब पर्चा क्यों खारिज किया गया, इसका जवाब प्रशासन को भी नहीं सूझ रहा है। जिलाधिकारी का कहना है कि नामांकन पत्र में प्रस्तावक के हस्ताक्षर न होने से वार्ड नंबर 33 रैकवारेडीह से धनंजय सिंह और श्रीकांत यादव का पर्चा खारिज हुआ था। जिलाधिकारी ने इलेक्शन कमीशन को रिपोर्ट भेजी है। घटना की मजिस्ट्रीयल जांच कराने का निर्देश दिया है।


प्रथम चरण के नामांकन के दौरान वार्ड नंबर रैकवारेडीह 33 से 28 और 29 सितंबर को नामांकन हुआ था। इसमें कुल 14 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। इस सीट पर पूर्व जिलाध्यक्ष शिवप्रताप यादव के साथ ही सपा नेता धनंजय सिंह, सपा नेता श्रीकांत यादव ने भी नामांकन दाखिल किया ।
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धनंजय सिंह एवं श्रीकांत यादव का कहना है कि उन्होंने काफी बारीकी से अपना नामांकन दाखिल किया था। लेकिन पार्टी से ही जुड़े कुछ कद्दावर लोगों के कहने एवं इस सीट पर पार्टी के ही चहेते प्रत्याशी को जीताने के लिए प्रशासनिक दबाव बनाकर उनका पर्चा खारिज कराया गया। इनका यह भी कहना है कि किसी प्रकार की नामांकन पत्रों की त्रुटि की भी उन्हें जानकारी नहीं दी गई।


बाद में जब इन्हें पता चला तो इन्होंने कलेक्ट्रेट के जांच कक्ष में जाकर अधिकारियों से वार्ता भी की। कहा कि अगर किसी प्रकार की त्रुटि है तो उसे ठीक करा लिया जाए। लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी।


उधर जिला पंचायत सदस्यों के निर्वाचन संबंधित कार्यों के लिए रिटर्निंग आफिसर बनाए गए एडीएम समीर वर्मा इस मामले में कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं।


अपनी व्यस्तता का हवाला देकर वह मामले को टाल रहे हैं। वहीं, उप जिला निर्वाचन अधिकारी गिरिजेश कुमार त्यागी का कहना है कि पूरी जिम्मेदारी आरओ की है। वहीं बता पाएंगे कि किन कारणों से दोनों प्रत्याशियों का नामांकन खारिज हुआ। निर्वाचन संबंधित कार्यों के दोनों जिम्मेदार अधिकारियों की अनभिज्ञता भी इस प्रकार की हुई गड़बड़ी पर सवाल खड़ा करती है।
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