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मदरसा छात्रोें को महज 15 दिन मिल रहा एमडीएम

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मऊ। शहर सहित जनपद के मदरसों में छात्रों को माह में 15 दिन ही दोपहर का भोजन दिया जा रहा है। एमडीएम की जिम्मेदारी भदोही की एक संस्था को दी गई है। इसके ठेकेदार की लापरवाही छात्रों पर भारी पड़ रही है। कागजों में फर्जीवाड़ा कर रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी जा रही है। जिला मुख्यालय, घोसी, मुहम्मदाबाद गोहना, कोपागंज और अदरी में कुल 38 अनुदानित मदरसे हैं। इनमें वर्तमान में लगभग 26 हजार छात्र छात्राएं तालीम हासिल कर रहे हैं। इन मदरसों में छात्रों को मिड डे मील की आपूर्ति की जिम्मेदारी भदोही की एक संस्था को दी गई है। लेकिन उस संस्था ने अपनी तरफ से मऊ के एक व्यक्ति को ठेका दे दिया है। मदरसों के छात्रों, अध्यापकों और प्रबंधकों की शिकायत है कि यह ठेकेदार नियमित मिड डे मील की आपूर्ति नहीं कर रहा है। एक माह मेें महज 15 दिन ही बच्चों को दोपहर का खाना मिल रहा है। जिला मुख्यालय पर कुछ मदरसों में तो मिड डे मील की अपूर्ति कर भी दी जाती है लेकिन घोसी, अदरी और कोपागंज के मदरसों में मनमानी की जाती है। जिला मुख्यालय पर मदरसा जामिया मिफ्ताहुल ओलूम, मदरसा दारुल ओलूम, मदरसा फैजेआम, मदरसा तालीमुद्दीन, मदरसा दारूल हदीस में हजारों छात्र हैं। घोसी में कई मदरसों में तीन हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। घोसी के मदरसा समशुल ओलूम के प्रबंधक नाजिम नासिर कहते हैं कि लगभग 15 दिनों से घोसी के मदरसों में मिड डे मील नहीं आया है। न तो आपर्तिकर्ता और न ही जिम्मेदार अफसरों की ओर से कोई सूचना दी जा रही है। जिला मुख्यालय के मदरसा तालीमुद्दीन के असद नोमानी कहते हैं कि मदरसों के छात्रों को मिड डे मील की उपलब्धता में काफी अनियमितताएं की जा रही हैं। रोजाना मिड डे मील नहीं मिल रहा है। आपूर्ति के बाबत कागजों पर फर्जीवाड़ा करके रिपोर्ट भेजी जा रही है। बीएसए डा. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मदरसों में मिड डे मील में अनियमितता संबंधी कोई शिकायत अब तक नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर आपूर्तिकर्ता के विरुद्ध जांच करा कर कार्रवाई की जाएगी।
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